Jul 31, 2026 03:24 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा का रिजल्ट के साथ साथ कटऑफ जारी हो गया है। इस परीक्षा में 76 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी अगले डीवी और पीएसटी राउंड के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर चयनित हुए हैं।

यूपी पुलिस
UP police constable result 2026 out , UPPRPB constable cutoff : लंबे वक्त से जिस घड़ी का इंतजार था वो आखिरकार आ ही गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने कांस्टेबल सिविल पुलिस और उसके समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने दिन-रात एक करके इस इम्तिहान की तैयारी की थी, वे अब आधिकारिक वेबसाइट (uppbpb.gov.in) पर जाकर अपनी मेहनत का फल देख सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस बार कैटेगरी वाइज कितनी कटऑफ गई है।
76 हजार अभ्यर्थी अगले चरण में
भर्ती बोर्ड ने इस बार दिल खोलकर उम्मीदवारों को अगले राउंड के लिए मौका दिया है। आंकड़ों की बात करें तो कुल 76,184 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह आंकड़ा कुल खाली पदों (वैकेंसी) का लगभग 2.33 गुना है। यानी, एक सीट के लिए अब दो से ज्यादा उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला होने वाला है। जिन भी नौजवानों ने अपनी-अपनी कैटेगरी में कटऑफ के बराबर या उससे ज्यादा नंबर हासिल किए हैं, उन्हें दस्तावेज सत्यापन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) के लिए बुलावा आ गया है।
कैटेगरी वाइज कितनी गई कटऑफ?
हर बार की तरह इस बार भी परीक्षा खत्म होने के बाद से ही कटऑफ को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। कोई कह रहा था मेरिट आसमान छुएगी, तो कोई कह रहा था कि पेपर के लेवल को देखते हुए कटऑफ कम जाएगी। खैर, अब सारे कयास खत्म हो चुके हैं। बोर्ड ने बिल्कुल साफ-साफ आंकड़े जारी कर दिए हैं। अगर आप ध्यान से देखें, तो सामान्य और ओबीसी के बीच फासला बहुत ज्यादा नहीं है। वहीं, महिलाओं ने भी हर वर्ग में लड़कों को कड़ी टक्कर दी है।
- अनारक्षित (UR) 258.03661 (सामान्य कटऑफ), 255.84346 (महिला कटऑफ)
- ईडब्ल्यूएस (EWS) 247.93434 (सामान्य कटऑफ), 247.35926 (महिला कटऑफ)
- ओबीसी (OBC) 251.63020 (सामान्य कटऑफ), 249.27083 (महिला कटऑफ)
- अनुसूचित जाति (SC) 239.34407 (सामान्य कटऑफ), 236.31995 (महिला कटऑफ)
- अनुसूचित जनजाति (ST) 220.10639 (सामान्य कटऑफ), 211.47988 (महिला कटऑफ)
17 अगस्त से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेश
लिखित परीक्षा तो बस पहला पड़ाव था; असली चुनौती तो अभी बाकी है। जो भी उम्मीदवार पास हुए हैं, उन्हें अब अपने कागज तैयार रखने होंगे। बोर्ड ने बताया है कि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षण (PST) 17 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले हैं। आपके शहर में सेंटर कहां पड़ेगा और किस तारीख को आपको जाना है, इसकी पूरी डिटेल बहुत जल्द यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड की वेबसाइट पर आ जाएगी। इसलिए अपने जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और मार्कशीट की ओरिजिनल और फोटोकॉपी की फाइल अभी से सेट कर लें।
फिजिकल टेस्ट के लिए कस लें कमर
डीवी और पीएसटी में जो अभ्यर्थी खरे उतरेंगे, उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) यानी दौड़ के लिए बुलाया जाएगा। यह परीक्षा सितंबर 2026 में प्रस्तावित है। इसका मतलब है कि आपके पास ग्राउंड में पसीना बहाने के लिए गिने चुने दिन ही बचे हैं। सुबह शाम दौड़ना शुरू कर दें, क्योंकि जरा सी भी ढील आपकी सारी मेहनत पर पानी फेर सकती है।
कैसे तैयार हुआ यह रिजल्ट?
आपको याद दिला दें कि यूपी पुलिस कांस्टेबल की यह महा परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को पूरे प्रदेश में 6 शिफ्टों में करवाई गई थी। इतने बड़े पैमाने पर परीक्षा होने के कारण, हर शिफ्ट के पेपर का लेवल अलग अलग था। इसीलिए बोर्ड ने 'नॉर्मलाइजेशन' का तरीका अपनाया ताकि किसी के साथ नाइंसाफी न हो। परीक्षा के बाद आंसर की जारी हुई थी, जिस पर बच्चों ने आपत्तियां भी दर्ज कराई थीं। एक्सपर्ट्स की टीम ने उन सभी आपत्तियों की बारीकी से जांच की और फिर फाइनल आंसर की के आधार पर ही यह रिजल्ट तैयार किया गया है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwari
शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव
