US Canada trade war: अमेरिका-कनाडा में छिड़ा ट्रेड वॉर? ट्रम्प ने कनाडाई सामानों पर ठोका 50% भारी टैक्स - Haribhoomi

Published on 21 जुल॰ 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा के उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। जानिए किन चीजों पर असर पड़ेगा और इसे लेकर दोनों देशों के बीच क्यों तनाव बढ़ गया है।

Trump 50 percent tariff Canada

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा के उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। (Ai Image)

  • Published: 21 Jul 2026, 09:43 AM IST
  • Last Updated: 21 Jul 2026, 09:47 AM IST

Trump Canada tariffs: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा के खिलाफ एक बेहद कड़ा कदम उठाया है। ट्रम्प ने कनाडा से आने वाले अधिकांश सामानों पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने की घोषणा कर दी है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि कनाडा ने अमेरिकी ऑटोमोबाइल, शराब और डेयरी उत्पादों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया है।

यह फैसला ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के सबसे आक्रामक व्यापारिक फैसलों में से एक है, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबे आर्थिक टकराव की आशंका पैदा हो गई है।

30 दिन बाद प्रभावि होगा टैक्स
व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह नया टैक्स आदेश घोषणा के 30 दिनों के बाद प्रभावी होगा। इसका मतलब यह है कि इसे लागू होने से पहले दोनों देशों के पास बातचीत करने और किसी समझौते पर पहुंचने के लिए एक महीने का समय है। हालांकि, यदि यह नियम लागू हो जाता है, तो इससे दोनों देशों के बीच का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ सकती है।

किन सामानों पर असर और किसे छूट?
यह 50% टैरिफ कई कनाडाई उत्पादों पर लागू होगा, जिसमें वाइन, सीमेंट और हॉकी की स्टिक जैसी चीजें शामिल हैं। इसके दायरे में वे सामान भी आएंगे जिन्हें पहले 'USMCA' समझौते के तहत सुरक्षा मिली हुई थी। हालांकि, राहत की बात यह है कि ऊर्जा उत्पादों (Energy), पोटाश, मछली, क्रिटिकल मिनरल्स और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कुछ सामानों को इस टैक्स से पूरी तरह बाहर रखा गया है।

क्यों उठाया गया यह कदम?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों अमेरिका द्वारा लगाए गए टैक्स के जवाब में कनाडा ने अमेरिकी उत्पादों पर जो जवाबी कार्रवाई (Retaliatory Tariffs) की थी, यह उसी का नतीजा है। इस कदम के लिए अमेरिका ने अपने 1930 के ऐतिहासिक कानून 'सेक्शन 338' का सहारा लिया है, जिसका इस्तेमाल ऐसे देशों के खिलाफ किया जाता है जो अमेरिकी व्यापार के साथ भेदभाव करते हैं।

कनाडा की प्रतिक्रिया
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अन्य नेताओं ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई है। कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने केवल अमेरिका के पुराने कदमों का जवाब दिया था। ओन्टारियो के प्रीमियर डॉग फोर्ड ने तो यहाँ तक कह दिया कि यदि यह टैक्स लागू होता है, तो कनाडा को भी ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विवाद नहीं सुलझा, तो इससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन और महंगाई पर बुरा असर पड़ सकता है।