Uttarakhand Weather Alert : उत्तराखंड में भूस्खलन से 111 सड़कें बंद, यातायात पूरी तरह प्रभावित - Doon Horizon

Published on 6 अग॰ 2026

उत्तराखंड में मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आपदा के खतरे को देखते हुए इन जिलों के साथ-साथ पौड़ी में भी सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं और सीएम धामी ने बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है।

देहरादून, 6 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Weather Alert : मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तराखंड के तीन प्रमुख जिलों देहरादून, चमोली और बागेश्वर के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के बाकी सभी जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। राजधानी देहरादून में बुधवार आधी रात से ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला थमा नहीं है।

मौसम के इस आक्रामक रुख को देखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एक सख्त आदेश जारी किया। जिले के सभी सरकारी, अशासकीय, निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में गुरुवार को पूर्ण अवकाश घोषित कर दिया गया है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को जिला प्रशासन ने सर्वोपरि रखा है।

पौड़ी जिले में भी लगातार बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। चमोली और बागेश्वर के जिलाधिकारियों ने भी भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बीच सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित की है। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने स्थानीय नागरिकों और राज्य में आए पर्यटकों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी तरह की अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त अपील की। यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का सटीक अपडेट लेना अनिवार्य बताया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार सुबह सीधे सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन को फोन किया। उन्होंने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश से पैदा हुए हालात की ग्राउंड रिपोर्ट तलब की। सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।

सीएम ने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को 24 घंटे हाई अलर्ट मोड पर रहने का स्पष्ट निर्देश दिया है। सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर राहत और बचाव कार्यों को बिना किसी देरी के शुरू करने को कहा गया है। जनहानि को शून्य रखना इस समय प्रशासन का सबसे बड़ा लक्ष्य है।

पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश से गाड़-गदेरे उफान पर हैं और कई जगह भारी भूस्खलन हुआ है। बुधवार देर शाम तक मिली आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार पूरे प्रदेश में 111 सड़कें मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। लोनिवि और अन्य संबंधित एजेंसियों की मशीनें सड़कों को खोलने के लिए लगातार मलबा हटाने के काम में जुटी हैं।

राज्य में इस साल मानसून का एक अलग ही पैटर्न देखने को मिल रहा है। लगातार दूसरे वर्ष चार से पांच जिलों में मानसून अपनी सामान्य क्षमता से काफी कमजोर रहा है। मौसम विज्ञानियों ने इस असमान बारिश के पीछे अल नीनो के सक्रिय होने और पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने को मुख्य कारण बताया है।

अल नीनो के प्रभाव से समुद्र की सतह का तापमान बढ़ जाता है जिससे मानसूनी हवाओं की गति और दिशा प्रभावित होती है। इसी वजह से उत्तराखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो रही है जबकि कई अन्य हिस्से पूरी तरह सूखे की चपेट में हैं। पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एएस नैन ने इस वैज्ञानिक प्रक्रिया को स्पष्ट किया।

डॉ. नैन के अनुसार अरब सागर से नमी लेकर आने वाली मानसूनी हवाएं जब पश्चिमी विक्षोभ से टकराती हैं तब पहाड़ों में अच्छी बारिश दर्ज की जाती है। वर्ष 2026 में बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम अपेक्षा से काफी कमजोर साबित हुए। उत्तर भारत की तरफ बढ़ने वाला पश्चिमी विक्षोभ भी समय पर सक्रिय नहीं हो पाया जिससे बारिश का यह असंतुलन पैदा हुआ।

हल्द्वानी शहर में बुधवार से ही मौसम आंख-मिचौली खेल रहा है। सुबह आसमान में घने बादल छाए रहे और आधे दिन हल्की धूप खिली रही। दोपहर बाद अचानक काले बादलों ने शहर को घेर लिया और रिमझिम बारिश शुरू हो गई जिससे उमस से बेहाल लोगों को थोड़ी राहत मिली।

पिछले 24 घंटों के दौरान हल्द्वानी में 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। शहर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक यहां मौसम के खराब रहने और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

सरोवर नगरी नैनीताल में बुधवार सुबह से ही कोहरे और बादलों का भारी जमावड़ा रहा। करीब साढ़े 11 बजे झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया जिसने शहर को पूरी तरह तरबतर कर दिया। दिन में ही इतना घना कोहरा छा गया कि सड़कों पर विजिबिलिटी बहुत कम हो गई और वाहनों को हेडलाइट जलानी पड़ी।

इस लगातार हो रही बारिश ने स्थानीय व्यापारियों, विशेषकर छाता और बरसाती बेचने वालों का कारोबार अचानक तेज कर दिया है। बीते 24 घंटों में नैनीताल में 33 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। शहर में अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस बना रहा।