Vande Mataram Bil: अमित शाह पेश करेंगे 'वंदे मातरम' संरक्षण विधेयक, राष्ट्रीय गीत का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल और भारी जुर्माना - Haribhoomi

Published on 20 जुल॰ 2026

संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में एक बेहद ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रहे हैं। 'वंदे मातरम' संरक्षण विधेयक के नाम से लाए जा रहे इस कानून के तहत देश के राष्ट्रीय गीत का अपमान करने वालों के खिलाफ 3 साल की जेल और भारी जुर्माने का सख्त प्रावधान किया गया है।

Vande Mataram Bill Amit Shah

अमित शाह ( फाइल फोटो )

  • Published: 20 Jul 2026, 09:30 AM IST
  • Last Updated: 20 Jul 2026, 09:30 AM IST

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जिसमें विधायी मोर्चे पर सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कदम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उठाने जा रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में 'वंदे मातरम' संरक्षण विधेयक पेश करेंगे। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य देश के गौरवशाली राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना और राष्ट्रीय प्रतीकों के समान ही इसका आदर सुनिश्चित करना है।

यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान और अपमान निवारण अधिनियम के ढांचे को और मजबूत करेगा, जिससे देश की आजादी के प्रतीक इस ऐतिहासिक गीत की गरिमा को कानूनन अक्षुण्ण रखा जा सके।

अपमान करने पर होगी सजा
इस नए विधेयक के मसौदे में राष्ट्रीय गीत का अनादर करने वालों के खिलाफ बेहद कड़े और दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से, जानबूझकर या किसी भी माध्यम से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का अपमान, अवमानना या इसका व्यावसायिक दुरुपयोग करता हुआ पाया जाता है, तो उसे 3 साल तक की जेल की सजा भुगतनी होगी। इसके साथ ही दोषी व्यक्ति पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने या सजा और जुर्माना दोनों एक साथ देने का कड़ा कानूनी प्रावधान किया गया है, ताकि इस राष्ट्रीय गौरव का सम्मान हर हाल में कायम रहे।

राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान की तर्ज पर दर्जा
यह विधेयक 'वंदे मातरम' को भारतीय संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों के समान पायदान पर खड़ा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब तक राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान को जिस तरह का कड़ा कानूनी संरक्षण प्राप्त था, ठीक उसी तर्ज पर अब राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को भी समान विधिक अधिकार और सुरक्षा दी जा रही है। इस कानून के लागू होने के बाद सार्वजनिक मंचों, राजनीतिक रैलियों, सिनेमाघरों या किसी भी व्यावसायिक विज्ञापन में इस गीत का गलत प्रस्तुतीकरण या अनादर करना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में माना जाएगा।