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सार
Datia By Election: दतिया उपचुनाव के लिए आयोजित भाजपा की चुनावी सभा में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए। आशुतोष तिवारी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए आंखें नम हो गईं।

नरोत्तम मिश्रा भरे मंच पर हुए भावुक (सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Narottam Mishra Emotional Moment: दतिया उपचुनाव के लिए आयोजित भारतीय जनता पार्टी की चुनावी सभा में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए। बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। भावुक होने के कारण उन्होंने अपना भाषण बीच में ही समाप्त कर दिया और वापस अपनी सीट पर जाकर बैठ गए। इस दौरान मंच पर सीएम मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भाजपा ने उन्हें जीवन में बहुत कुछ दिया है। उन्होंने कहा कि जो पार्टी मुझे 30 साल तक विधायक बनाए रखे और 15 साल तक मंत्री बनने का अवसर दे, उससे मुझे और क्या चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आशुतोष तिवारी के समर्थन में पूरी ताकत से जुटने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता उनके लिए पूरी निष्ठा से काम करेगा। मिश्रा ने कहा,
आशुतोष भैया के लिए एक-एक कार्यकर्ता प्राण झोंक देगा- नरोत्तम मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा कि आशुतोष भैया के लिए एक-एक कार्यकर्ता प्राण झोंक देगा। कोई भी इस भ्रम में न रहे कि कोई कार्यकर्ता घर बैठने वाला है। मैं स्वयं यहीं डेरा जमाऊंगा, सभी कार्यकर्ताओं के साथ रहूंगा, हर दरवाजे पर जाकर लोगों से समर्थन मांगूंगा और हर गांव में पहुंचकर आशुतोष को विजयी बनाने का प्रयास करूंगा। इतना कहते-कहते नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और उन्होंने अपना भाषण बीच में ही समाप्त कर दिया।
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दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी की नामांकन रैली के दौरान बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा की भावुकता देखने को मिली।#DatiaByElection #NarottamMishra #AshutoshTiwari pic.twitter.com/ltyw01krvV — NavBharat Live (@TheNavbharatliv) July 13, 2026
राजा और रंक की लड़ाई बन गई है- नरोत्तम मिश्रा
अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा ने दतिया उपचुनाव को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह चुनाव अब राजा और रंक की लड़ाई बन गया है। एक ओर आशुतोष तिवारी हैं, जो बचपन से ही राष्ट्र सेवा के कार्यों से जुड़े रहे हैं और दूसरी ओर सत्ता व प्रभाव का अहंकार है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह कहते हैं कि हम 3 हजार वोट से हार गए तो अहंकारी हो गए लेकिन जब आप भोपाल से 3 लाख वोटों से हार गए, तो क्या वह संस्कार था?
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जीतू पटवारी कहते हैं कि हम 3 हजार वोट से हारे तो अहंकारी हो गए, लेकिन आप मऊगंज से 35 हजार वोटों से हार गए, तो क्या वह संस्कार है? नरोत्तम मिश्रा ने आगे चुनौती देते हुए कहा कि अभी भी समय है। आशुतोष जी के सामने मैदान में आ जाइए, चुनाव लड़ लीजिए, फिर जनता तय कर देगी कि किसके साथ है।
