Published: Wednesday, July 15, 2026, 10:09 [IST]
Bihar Thekua Slovakia: बिहारी ठेकुआ का स्वाद अब यूरोप तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से स्लोवाकिया के संसद अध्यक्ष रिचर्ड रासी को उपहार में दिया गया बिहार का पारंपरिक ठेकुआ इन दिनों खूब चर्चा में है। रासी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह ठेकुआ का स्वाद चखते हुए उसकी दिल खोलकर तारीफ करते नजर आए।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक पारंपरिक मिठाई नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत का प्रतीक है। वीडियो के वायरल होने के बाद बिहार का यह पारंपरिक व्यंजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है और इसे भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का एक खूबसूरत उदाहरण माना जा रहा है।
PM मोदी का खास तोहफा बना चर्चा का विषय
वीडियो में रिचर्ड रासी एक सुंदर लकड़ी का गिफ्ट बॉक्स खोलते हैं, जिसमें बिहार का पारंपरिक ठेकुआ रखा हुआ है। ठेकुआ को देखकर वह पहले उसकी डिजाइन और बनावट की तारीफ करते हैं, फिर उसका स्वाद चखते हैं। रासी ने कहा कि यह सामान्य कूटनीतिक उपहारों से बिल्कुल अलग है। उनके मुताबिक, पीएम मोदी बिहार से यह खास मिठाई लेकर आए थे, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने इसे एक यादगार और दिल से दिया गया उपहार बताया।
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ठेकुआ ने दिलाई स्लोवाकिया की पारंपरिक मिठाइयों की याद
ठेकुआ का स्वाद चखने के बाद रिचर्ड रासी ने कहा कि यह उन्हें स्लोवाकिया की कुछ पारंपरिक मिठाइयों की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के पारंपरिक व्यंजनों में कई समानताएं देखने को मिलती हैं। रासी के अनुसार, भोजन केवल स्वाद तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह लोगों और संस्कृतियों को जोड़ने का माध्यम भी बनता है। उन्होंने कहा कि ऐसे उपहार दो देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
आखिर क्या है बिहार का पारंपरिक ठेकुआ?
ठेकुआ बिहार और झारखंड का बेहद लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजन है। इसे खासतौर पर छठ पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में बनाया जाता है। गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी और घी से तैयार इस पकवान को डीप फ्राई किया जाता है। इसकी कुरकुरी बनावट और पारंपरिक डिजाइन इसे खास बनाते हैं। लंबे समय तक सुरक्षित रहने की वजह से भी ठेकुआ की अलग पहचान है। बिहार की सांस्कृतिक विरासत में इसका विशेष स्थान माना जाता है।
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सांस्कृतिक कूटनीति का बना खूबसूरत उदाहरण
रिचर्ड रासी ने अपने वीडियो के साथ लिखा कि कूटनीति सिर्फ बैठकों और राजनीतिक चर्चाओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि छोटे-छोटे सांस्कृतिक इशारे भी लोगों को करीब लाते हैं। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने उन्हें बिहार का ठेकुआ भेंट किया, जबकि उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री को हिंदी में लिखे विशेष स्लोवाक स्पा वेफर्स उपहार में दिए। रासी ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच दोस्ती और आपसी समझ को और मजबूत बनाते हैं।