Weather Today: IMD ने दिल्ली-एनसीआर समेत देश के 23 राज्यों में जारी किया 'हैवी रेन' का अलर्ट

Published on 3 अग॰ 2026

विशेष मौसम रिपोर्टर, नई दिल्ली/पटना: देश भर में मानसून का दूसरा चरण अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त 2026 को देश के बड़े हिस्से में मौसम के विकराल रूप को लेकर चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से पूर्वी भारत के बिहार राज्य में आकाशीय बिजली (वज्रपात) और मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम केंद्र पटना और दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाओं और मानसूनी ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से अगले 48 से 72 घंटों के दौरान कई इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की जा सकती है।

राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के कुल 23 राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) और नदियों के जलस्तर में तेज वृद्धि की आशंका जताई है।

बिहार में आकाशीय बिजली का कहर और भारी बारिश

बिहार के मौसम में आए अचानक बड़े बदलाव ने राज्य के लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के ताजा अलर्ट के मुताबिक, राज्य के उत्तरी और दक्षिणी भागों में बादल छाए हुए हैं और कई स्थानों पर तेज हवाओं (30 से 50 किमी/घंटा) के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है।

पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, बक्सर, गया, रोहतास, जमुई, सुपौल, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में वज्रपात (Lightning) और अतिवृष्टि को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। किसानों को खेत में काम न करने और खुले मैदानों या बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है। नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने से कोसी, गंडक, बागमती और कमला बलान जैसी नदियां उफान पर आ सकती हैं।

इन 23 राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट: दिल्ली-NCR से लेकर यूपी-बिहार तक जानें कैसा रहेगा हाल

मौसम विभाग के अनुसार, मानसूनी हवाओं की मजबूत सक्रियता के कारण देश के उत्तर, पूर्व और मध्य भागों में व्यापक स्तर पर वर्षा का चक्र बना हुआ है। देश के अलग-अलग हिस्सों में आज के मौसम का मिजाज इस प्रकार रहने वाला है:

  • दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे। दिन भर में एक से दो स्पेल में मध्यम बारिश की संभावना है। इसके चलते तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

  • उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh): पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों (जैसे गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, बरेली और मेरठ) में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ जगहों पर मेघ गर्जन के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

  • पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश): उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी और हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी में भूस्खलन (Landslide) और बादलों के फटने की घटनाओं को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संवेदनशील पर्वतीय मार्गों पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

  • राजस्थान और मध्य प्रदेश: पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के अधिकांश भागों में मानसून पूरी रफ्तार से बरस रहा है। कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया है।

  • पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत (ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल व असम): ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों और असम, मेघालय तथा अरुणाचल प्रदेश में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

नागरिकों और किसानों के लिए IMD की विशेष एडवाइजरी

मौसम के इस रौद्र रूप को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम कार्यालय ने सभी जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। आम नागरिकों के लिए निम्नलिखित सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए गए हैं:

  1. जलभराव और निचले इलाकों से दूरी: शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भरने और खुले नालों के खतरों को देखते हुए गैर-जरूरी यात्रा से बचें।

  2. वज्रपात से बचाव: गर्जन के समय धातु की वस्तुओं, बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और टीवी/स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से बचें। यदि आप खुले में हैं तो तुरंत किसी पक्के ढांचे के अंदर शरण लें।

  3. किसानों के लिए सलाह: खेतों में कीटनाशक या उर्वरकों का छिड़काव रोक दें और जल निकासी (Drainage System) की व्यवस्था दुरुस्त रखें।

  4. पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा न करें: भूस्खलन संभावित मार्गों और नदी-नालों के पास जाने से पूरी तरह बचें।

मानसून के इस उग्र दौर में सतर्कता और सही जानकारी ही बचाव का सबसे बड़ा साधन है। मौसम की पल-पल की जानकारी के लिए स्थानीय मौसम केंद्र के समाचारों और आधिकारिक बुलेटिन पर नजर बनाए रखें।