West Bengal Cash Seizure : पूर्व बस चालक के घर मिला करोड़ों का खजाना, नोट गिनते गिनते खराब हुईं पांच मशीनें

Published on 30 जुल॰ 2026
West Bengal Cash Seizure
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पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुई एक बड़ी छापेमारी ने हर किसी को चौंका (West Bengal Cash Seizure) दिया है। पुलिस जब एक पूर्व बस चालक के घर पहुंची तो वहां नकदी और सोने का ऐसा जखीरा मिला कि नोटों की गिनती पूरी करने में पूरी रात लग गई। बरामद रकम और सोने की मात्रा ने जांच एजेंसियों के साथ साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया है।

कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अब बरामद नकदी और सोने के स्रोत की जांच कर रही है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

West Bengal Cash Seizure
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करीब पचास करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद

पुलिस ने बीरभूम जिले में छापेमारी के दौरान करीब 28.5 करोड़ रुपये नकद और लगभग 15 किलोग्राम सोना बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार सोने की अनुमानित कीमत करीब 21.5 करोड़ रुपये है। इस तरह कुल बरामदगी लगभग 50 करोड़ रुपये की बताई जा रही है।

बरामद नकदी इतनी अधिक थी कि उसकी गिनती के दौरान पांच करेंसी काउंटिंग मशीनें खराब हो गईं। पुलिस ने नकदी को 25 बैग में भरकर सुरक्षित जब्त किया और बाद में बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू की।

आरोपी गिरफ्तार, कारोबारी का नाम सामने आया

मामले में मिनार मंडल को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार वह पहले राज्य परिवहन विभाग में बस चालक था और बाद में पत्थर कारोबार से जुड़ गया। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि बरामद नकदी और सोना फरार पत्थर कारोबारी तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन का है। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।

सोने के बिस्किट और करोड़ों की नकदी मिली

छापेमारी में एक एक किलोग्राम के 14 गोल्ड बार और 100 ग्राम के 10 सोने के बिस्किट भी बरामद किए गए। इसके अलावा बड़ी मात्रा में नकदी, दस्तावेज और अन्य सामान भी जब्त किया गया है।

टैक्स गड़बड़ी की भी जांच West Bengal Cash Seizure

जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह रकम पत्थर खदानों से वसूले गए सरकारी राजस्व से जुड़ी हो सकती है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं सरकारी टैक्स की राशि का दुरुपयोग तो नहीं हुआ। हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

इतनी बड़ी बरामदगी के बाद राज्य की राजनीति भी गर्मा गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग (West Bengal Cash Seizure) की है। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।