
चाय का मूड पर असरImage Credit source: pexels
10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे का उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना है और मेंटल हेल्थ से जुड़ी दिक्कतों के बारे में सही जानकारी देना है. खानपान से जुड़ी चीजें भी हमारे ब्रेन पर पॉजिटिव और नेगेटिव असर डाल सकती हैं. भारतीयों की बात करें तो एक बड़ी आबादी की सुबह चाय के बिना नहीं होती है. वहीं पूरी दुनिया में लोग अलग-अलग तरीकों से चाय पीते हैं. आपको भी अगर थकान, सुस्ती महसूस होती है तो बस एक कप चाय पीने का मन करता है तो जान लें कि ये कैसे आपके मस्तिष्क या मूड पर असर करती है. इस आर्टिकल में जानेंगे कि क्या चॉकलेट की तरह ही चाय भी रिलैक्स महसूस कराने में मदद कर सकती है.
चाय कम पीना चाहिए…आपने भी कई लोगों को ऐसा कहते सुना होगा, लेकिन क्या वाकई में चाय सेहत को नुकसान पहुंचाती है या ये फायदेमंद होती है. आज वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर जानेंगे कि चाय का हमारे ब्रेन पर क्या असर होता है.
मानसिक स्वास्थ्य न करें नजरअंदाज
आज भी हमारे यहां मानसिक स्वास्थ्य को इतनी तरजीह नहीं दी जाती है, लेकिन इसी के चलते बहुत सारे लोगों में तनाव धीरे-धीरे डिप्रेशन में बदल जाता है. ये स्थिति घातक भी हो सकती है. WHO के मुताबिक, साल 2023 में दुनियाभर में लगभग हर 7 में से 1 व्यक्ति मानसिक विकार से पीड़ित था यानी लगभग 1.2 अरब. इसमें चिंता और अवसाद सबसे आम मेंटल प्रॉब्लम थीं.
मेंटल हेल्थ के लिए चॉकलेट
हेल्थ और फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट, उत्तर प्रदेश की सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मीरा पाठक का कहना है कि मेंटल हेल्थ को लेकर हम स्ट्रेस फील करने, एंग्जायटी, डिप्रेशन जैसी सिचुएशन के बारे में बात करते हैं. रोजमर्रा की जिंदगी में हम ऐसे छोटे स्टेप ढूंढते हैं, जिससे हम मेंटली रिफ्रेश, शांत और कंफर्टेबल महसूस कर सकें और रूटीन भी डिस्टर्ब न हो. ऐसे में खाने-पीने की चीजों का अहम रोल होता है. जैसे चॉकलेट की हम बात करें तो इसमें शुगर भी होता है. जब किसी चीज में मिठास होती है तो वो हमारे दिमाग में एक प्लेजर (खुशी) सेंसेशन क्रिएट करता है. इससे हमारे शरीर में डोपामाइन रिलीज होता है ये एक हैप्पी हार्मोन होता है, लेकिन इससे चॉकलेट के लिए क्रेविंग भी बढ़ती है. चॉकलेट से सेरोटोनिन (Serotonin) भी बढ़ता है और ये भी हैप्पी हार्मोन है.
चाय को लेकर क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एक्सपर्ट के मुताबिक, इसी तरह से जब हम चाय की बात करते हैं तो इसमें कई कंपाउंड होते हैं, जैसेपॉलिफिनॉल्स, टैनिन, कैफीन है. जैसे पॉलिफिनॉल्स और टैनिन का रोल हमारे शरीर को हील करने के रोल है और कैफीन हमारे शरीर को और एलर्ट महसूस कराती है. इसमें जब हम चाय पीते हैं तो इसमें सिर्फ कैफीन ही नहीं है, बल्कि बाकी तत्व भी होते हैं. इसी के साथ इसमें ये भी होता है कि हमने अपने व्यस्त दिन से एक छोटा ब्रेक लिया और अपनी पसंद का एक गर्म पेय पिया. ये भी हमें खुश और रिलैक्स महसूस कराता है. चाय का ये भी है कि ज्यादातर हम इसे अपने दोस्तों या करीबियों के साथ बैठकर पीते हैं. ऐसे में ये एक पर्सनल और सोशल इंटरैक्शन भी बढ़ता है जिससे हम स्ट्रेस फ्री फील करते हैं.
चाय का दिमाग पर असर
आप भी अगर चाय के शौकीन हैं तो आपको ये जानकर अच्छा लगेगा कि पबमेड में छपी एक स्टडी के मुताबिक, चाय मेंटल हेल्थ के लिए अच्छी होती है. ये अध्ययन 491 वयस्कों (पुरुष: 169, महिला: 322) पर किया गया था. इसके निष्कर्ष में पाया गया कि चार कप तक काली चाय के सेवन से 450-600 मिलीग्राम कैफीन मिली, जिससे अवसाद से बचाव में ये हेल्पफुल हो सकती है. हालांकि इसे समझने के लिए अभी और ज्यादा अध्ययनों की जरूरत है.

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इस तरह चाय पीना फायदेमंद
मुख्य रूप से इस अध्ययन में बताया गया है कि काली चाय आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है. दरअसल चाय में कई एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. हमारे यहां लोग ज्यादातर चीनी और दूध के साथ चाय पीते हैं और इसका ज्यादा सेवन आपके डाइजेशन को नुकसान पहुंचाने से लेकर कैलोरी इंटेक को बढ़ा सकता है.
ग्रीन टी और मेंटल हेल्थ
काली चाय के अलावा ग्रीन टी भी आपके ब्रेन के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है. इसे लेकर भी स्टडी कहती है कि ग्रीन टी के अर्क के रिजल्ट अवसाद के लक्षण वालों में पॉजिटिव मिले हैं. एक स्टडी में पाया गया कि इससे एंग्जायटी, डिप्रेशन और साइकोटिक के लक्षणों में कमी आ सकती है. मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने के लिए आप एक सही मात्रा में ब्लैक टी के अलावा ग्रीन टी को अपने रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं.
ये चाय भी हैं फायदेमंद
स्ट्रेस से रिलीफ दिलाने और नींद में सुधार करने के लिए कैमोमाइल टी भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. ये एक हर्बल चाय है जिसे कैमोमाइल फूलों से तैयार किया जाता है. इसके अलावा तुलसी की चाय, अश्वगंधा टी, ब्राह्मी टी, लेमन बाम टी भी आपको रिलैक्स महसूस कराती हैं.
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शशि सिंह
शशि सिंह टीवी9 डिजिटल हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. उत्तर प्रदेश के बरेली शहर से ताल्लुक रखने वाली शशि ने बरेली कॉलेज (महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय) से आर्ट्स से ग्रेजुएशन किया है और अमर उजाला से संबंद्ध इंस्टीट्यूट 'द आरोहन मीडिया स्कूल' से इंटीग्रेटेड डिजिटल मीडिया में पीजी डिप्लोमा कर चुकी हैं. इसके साथ ही अमर उजाला से ही इन्होंने बतौर जूनियर कंटेंट राइटर पत्रकारिता के करियर की शुरुआत की. वह रिलीजन, रिलेशनशिप, फूड, हेल्थ, और मनोरंजन जैसे टॉपिक्स पर लिखती हैं. इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन सालों से ज्यादा का अनुभव है. वहीं मनोरंजन के साथ राजनीति, क्राइम और देश-दुनिया की खबरों के लेखन में भी दिलचस्पी रखती हैं. इसके अलावा इन्होंने 'टेकवन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन' से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री भी ली है. वह किताबें पढ़ने, कविताएं और शायरी लिखने-पढ़ने का शौक रखती हैं और नई-नई चीजों को एक्सप्लोर करना पसंद करती हैं.
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