BRICS Family Photo: नई दिल्ली में 18th BRICS Summit के दिन 2 पर Bharat Mandapam में फैमिली फोटो में PM Modi केंद्र में, साथ में Xi Jinping और Vladimir Putin। 11-सदस्यीय समूह ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से अपनाया; पश्चिम एशिया पर चिंता, आतंकवाद व एकतरफा शुल्क-मर्यादाओं व प्रतिबंधों की निंदा, WTO के Appellate Body की बहाली का आह्वान।
BRICS Summit 2026: 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन भारत मंडपम में हुई फैमिली फोटो ने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस औपचारिक तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र में खड़े नजर आए, जबकि उनके दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मौजूद थे। 11 सदस्यीय BRICS समूह के शीर्ष नेताओं के एक साथ आने वाला यह क्षण शिखर सम्मेलन के अहम राजनीतिक संदेशों में से एक बन गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मौके को “एक ऐतिहासिक पल” बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी BRICS सदस्य और साझेदार देशों के नेताओं, आउटरीच आमंत्रितों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ फैमिली फोटो में शामिल हुए।
फैमिली फोटो के साथ दिखी BRICS की बड़ी तस्वीर
भारत मंडपम में नेताओं की यह सामूहिक तस्वीर ऐसे समय सामने आई, जब विस्तारित BRICS के सदस्य कई वैश्विक मुद्दों पर अपने मतभेदों के बावजूद साझा सहमति बनाने में कामयाब रहे। प्रधानमंत्री मोदी का केंद्र में होना भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता के दौरान उसकी मेजबानी और नेतृत्व की भूमिका को भी दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी के दाईं और बाईं ओर शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी ने भी इस तस्वीर को खास बना दिया। सोशल और राजनीतिक स्तर पर इस फैमिली फोटो को शिखर सम्मेलन के सबसे चर्चित दृश्यों में गिना जा रहा है।
नई दिल्ली घोषणा 2026 पर सर्वसम्मति से बनी सहमति
फैमिली फोटो के दिन ही BRICS नेताओं ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से अपनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि किसी भी सदस्य देश ने दस्तावेज को लेकर आपत्ति नहीं जताई और इसे आम सहमति से स्वीकार कर लिया गया।
भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण” विषय के तहत कर रहा है। यह घोषणा ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब इससे पहले पश्चिम एशिया समेत कई संवेदनशील मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच मतभेद सामने आए थे।
पश्चिम एशिया पर मतभेदों के बीच निकला साझा रास्ता
पश्चिम एशिया का मुद्दा BRICS वार्ताओं के सबसे जटिल विषयों में शामिल रहा। इससे पहले मई 2026 में नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में इस मुद्दे पर साझा बयान को लेकर सहमति नहीं बन सकी थी।
नई दिल्ली घोषणा में नेताओं ने मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई। सदस्य देशों ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने की अपील की, जिनसे हालात और बिगड़ सकते हैं।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुकूल नहीं है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने शिखर सम्मेलन के दौरान क्षेत्रीय हालात और कूटनीतिक मुद्दों पर अन्य नेताओं से बातचीत की।
पहलगाम हमले समेत आतंकवाद पर BRICS का कड़ा संदेश
नई दिल्ली घोषणा में BRICS नेताओं ने आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप की कड़ी निंदा की। समूह ने आतंकियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और सुरक्षित ठिकानों जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने की प्रतिबद्धता दोहराई।
घोषणा-पत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की भी विशेष रूप से निंदा की गई। BRICS नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों पर भी जताई चिंता
व्यापार के मोर्चे पर BRICS ने एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों में बढ़ोतरी को लेकर गंभीर चिंता जताई। घोषणा में कहा गया कि ऐसे कदम वैश्विक व्यापार को प्रभावित करते हैं और WTO के नियमों के अनुरूप नहीं हैं।
समूह ने WTO-केंद्रित बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था के प्रति अपना समर्थन दोहराया। साथ ही विवाद निपटान व्यवस्था को मजबूत करने और Appellate Body में नियुक्तियों समेत द्विस्तरीय विवाद समाधान तंत्र की पूर्ण बहाली की मांग की गई।
एकतरफा प्रतिबंधों और अवैध धन प्रवाह पर सख्त रुख
BRICS नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के विपरीत बताए गए एकतरफा दमनकारी उपायों की निंदा की। समूह का कहना है कि ऐसे कदम वैश्विक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर कर सकते हैं।
घोषणा-पत्र में मादक पदार्थों के अपराध, हथियारों की तस्करी, आतंकवाद के वित्तपोषण और संगठित अपराध से जुड़े अवैध वित्तीय प्रवाह पर भी चिंता जताई गई। BRICS देशों ने ऐसे धन के प्रवाह को रोकने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान किया।
18वें BRICS शिखर सम्मेलन की फैमिली फोटो से लेकर नई दिल्ली घोषणा को सर्वसम्मति से अपनाने तक, दूसरे दिन भारत की मेजबानी में वैश्विक राजनीति, व्यापार, आतंकवाद और पश्चिम एशिया जैसे अहम मुद्दों पर कई बड़े संदेश सामने आए।