निजी सेक्टर के प्रमुख ऋणदाता यस बैंक (YES Bank) ने आगामी वित्तीय परिणामों की घोषणा से ठीक पहले अपनी दूसरी तिमाही (Q2) के प्रोविजनल बिजनेस अपडेट (Business Update) जारी कर दिए हैं। बैंक द्वारा साझा किए गए इन आंकड़ों के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक के कारोबार में मजबूत और स्थिर वृद्धि देखने को मिली है।
सालाना आधार पर बैंक के लोन पोर्टफोलियो और कुल डिपॉजिट में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिससे यह साफ होता है कि बैंक का व्यावसायिक प्रदर्शन लगातार पटरी पर लौट रहा है और निवेशकों का भरोसा इस पर मजबूत हो रहा है। आइए जानते हैं यस बैंक के इन ताजा और महत्वपूर्ण वित्तीय आंकड़ों की पूरी डीटेल्स।
लोन और एडवांस में सालाना आधार पर 23.8% की जबरदस्त तेजी
यस बैंक की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक बैंक के कुल लोन और एडवांस (Loans & Advances) सालाना आधार पर 23.8% की भारी बढ़ोतरी के साथ ₹3,09,675 करोड़ पर पहुंच गए हैं। यदि पिछले साल इसी अवधि (सितंबर 2025) की बात करें तो कुल लोन ₹2,50,212 करोड़ थे।
वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर देखें तो लोन और एडवांस में 8.6% की अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। बैंक के मुताबिक, फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR-B) डिपॉजिट और उससे जुड़े फॉरेन करेंसी टर्म लोन (FCTL) को एडजस्ट करने के बाद तिमाही आधार पर लोन की शुद्ध वृद्धि 3.3% रही है।
डिपॉजिट में भी शानदार उछाल, ₹3.54 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा
लोन के साथ-साथ यस बैंक के डिपॉजिट (Deposits) में भी शानदार इजाफा देखने को मिला है। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 19.5% बढ़कर ₹3,54,084 करोड़ हो गया है, जो कि पिछले साल इसी अवधि में ₹2,96,276 करोड़ था।
तिमाही आधार पर देखें तो डिपॉजिट में 12.3% की मजबूत उछाल दर्ज की गई है। बैंक के मजबूत और सस्ते CASA (करेंट अकाउंट सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट की बात करें तो 30 सितंबर 2026 तक यह बढ़कर ₹1,06,255 करोड़ हो गया है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 2.9% और एक साल पहले के मुकाबले 6.6% अधिक है। हालांकि, CASA रेश्यो घटकर 30% पर आ गया है, जो कि जून तिमाही में 32.7% था।
क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो और लिक्विडिटी की स्थिति
यस बैंक का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो (CD Ratio) 30 सितंबर को 87.5% दर्ज किया गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 90.4% और एक साल पहले 84.5% था। इसके अलावा, तिमाही के दौरान कंसोलिडेटेड आधार पर बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) 131.4% रहा, जो पर्याप्त तरलता (Liquidity) का संकेत देता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की कंसेशनल फॉरेक्स स्वैप फैसिलिटी और अन्य मानकों के तहत बैंक अपने वित्तीय संतुलन को लगातार बेहतर बना रहा है। हाल ही में शेयर बाजार में यस बैंक के शेयरों में सामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन बेहतर बिजनेस अपडेट्स से निवेशकों में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।