बीते साल में हमने ज्यादा सुधारी एयर क्वालिटी, फिर भी नंबर-1 लखनऊ से पीछे; डंपिंग ग्राउंड ने काटे 13 नंबर - Chandigarh News

Published on 8 सित॰ 2026

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत केंद्र ने चंडीगढ़ को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 52 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। इसमें 26 करोड़ नियमित आवंटन और 26 करोड़ परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव के रूप में मिले हैं। 2025-26 में 8.50 करोड़ रुपए ही मिले थे। इस बार इं

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चंडीगढ़ को वर्ष 2019-20 से लेकर पिछले 6 वर्षों में कुल 41 करोड़ रुपए मिले थे। सर्वेक्षण में भले ही रैंकिंग में बड़ा उछाल न मिला हो, लेकिन प्रदूषण घटाने में बेहतर प्रदर्शन के चलते केंद्र ने यह फंड जारी किया है, जिसे चालू वित्त वर्ष के शेष 6 महीनों में खर्च करना होगा। वर्ष 2025-26 में पीएम-10 में 25.62% की गिरावट आई थी, मौजूदा वित्त वर्ष में भी हवा में प्रदूषण का स्तर पिछले साल से 30% तक कम बना हुआ है।

पीएम-10 हवा में मौजूद 10 माइक्रोमीटर या उससे छोटे हानिकारक कण होते हैं, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं।

ये काम होंगे बजट से...

श्मशान घाट होंगे अपग्रेड: प्राप्त बजट को नगर निगम के माध्यम से शहर के तीन क्रिमेशन ग्राउंड्स को ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ फैसिलिटी में बदलने और अन्य एंटी-पॉल्यूशन प्रोजेक्ट्स पर खर्च किया जाएगा।

प्रमुख मार्गों पर स्प्रिंकलिंग: पिछले बजट से खरीदी गई वॉटर स्प्रिंकलिंग गाड़ियों को इसी महीने से मध्य मार्ग, दक्षिण मार्ग और विकास मार्ग पर नियमित रूप से चलाने का फैसला लिया गया है।

चंडीगढ़ के पिछड़ने की मुख्य वजह गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट का सुचारु रूप से न चलना और डंपिंग ग्राउंड का खराब प्रबंधन रहा, जिसके चलते स्कोर में से 13 अंक कट गए।

2025 2026

वर्ष 2025 (पिछला प्रदर्शन): 200 में से 186 अंक मिले थे और 8वां रैंक आया था। हवा में पर्याप्त सुधार न होने और शिकायतों के कारण 10 अंक कटे थे।

वर्ष 2026 (मौजूदा प्रदर्शन): 200 में से 187 अंक मिले और 7वां रैंक मिला। सुधार के बावजूद गारबेज प्लांट और खराब कचरा प्रबंधन के चलते 13 अंक कट गए।

पीएम-10 का स्तर (माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर)

प्रोसेसिंग प्लांट ढंग से नहीं चला, डंपिंग ग्राउंड का खराब प्रबंधन

लखनऊ से पिछड़ने का टेक्निकल कारण

भास्कर एक्सक्लू​सिव

(पीएम-10 का स्तर माइक्रोग्राम पर क्यूबिक मीटर में)

136

90

64

87

77

75

86

75

108

13 1

12 1

109

110

145

81

85

{2024-25 { 2025-26 (-/+) कितने पाइंट का सुधार

0

30

60

90

120

150

चंडीगढ़ (-31)

रायपुर (-11)

सूरत (+1)

आगरा (+22)

भोपाल (-2)

जबलपुर (+2)

इंदौर (-9)

लखनऊ (-4)

}एयर क्वालिटी बेहतर करने के लिए ही खर्च होगा, 3 क्रिमेशन ग्राउंड को स्टेट ऑफ द आर्ट फैसेलिटी में बदला जाएगा

साफ हवा के लिए चंडीगढ़ को बंपर बजट

चंडीगढ़ को रैंक-7

चंडीगढ़. मंगलवार 8 सितंबर, 2026

किसने कितनी सुधारी एयर क्वालिटी (पीएम-10 का स्तर)स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों में चंडीगढ़ को ठाणे-राजकोट के साथ 7वां रैंक मिला है। लखनऊ रैंक-1 पर है। पिछले साल चंडीगढ़ का रैंक-8 था, इस बार एक रैंक का सुधार है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सोमवार को ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026’ के नतीजे जारी किए।

हवा में सुधार के मामले में चंडीगढ़ ने पर्टिकुलेट मैटर-10 (पीएम-10) का स्तर 121 से घटाकर 90 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर पर ला दिया, जो करीब 26% (31 पॉइंट) की रिकॉर्ड कमी है। इसके विपरीत, नंबर-1 रैंक हासिल करने वाले लखनऊ में पीएम-10 में मात्र 4 पॉइंट की कमी आई और कई टॉप-6 शहरों में प्रदूषण का स्तर घटने के बजाय बढ़ा है। इसके बावजूद नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के 200 अंकों के मूल्यांकन में चंडीगढ़ को 187 नंबर ही मिले, जिससे वह टॉप-5 से बाहर हो गया।

वार्ड लेवल रैंकिंग- चंडीगढ़ के तीन वार्डों को मिला स्टेट लेवल अवार्ड

  • स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पहली बार केंद्र सरकार ने 30 हजार से कम आबादी वाले वार्डों की भी रैंकिंग की है। इसमें चंडीगढ़ के तीन वार्डों को बेहतर एयर क्वालिटी के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार मिला है।
  • वार्ड-12 (सेक्टर 15, 16 और 17): भाजपा पार्षद व वर्तमान मेयर सौरव जोशी का क्षेत्र।
  • वार्ड-2 (सेक्टर 1 से 10): भाजपा पार्षद महेशइंद्र सिद्धू का क्षेत्र।
  • वार्ड-23 (सेक्टर 34, 35 और 43): कांग्रेस पार्षद प्रेम लता का क्षेत्र।

वर्षवार बजट खर्च और पीएम-10 का स्तर

वित्त वर्ष खर्च किया पीएम-10 का स्तर

2019-20 ₹1.45 करोड़ 92

2020-21₹ 5.64 करोड़ 90

2021-22 ₹2.53 करोड़ 97

2022-23 ₹2.79 करोड़ 116

2023-24 ₹15.83 करोड़ 116

2024-25 ₹2.93 करोड़ 121

बेस ईयर (2017-18) से लखनऊ ने 46.64% कम किया पॉल्यूशन, चंडीगढ़ ने 21.05%

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम में वर्ष 2017-18 को बेस ईयर माना गया है। रैंकिंग बेस ईयर और मौजूदा एयर पॉल्यूशन के हिसाब से दी गई है। चंडीगढ़ के लखनऊ से पिछड़ने की यह भी बड़ी वजह है।

सिफारिश: चंडीगढ़ की बेस्ट प्रैक्टिसेस से सीखें

मिनिस्ट्री ने बेस्ट प्रैक्सिटेसस भी शेयर की हैं। चंडीगढ़ में कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट पर जो काम हुआ है उसे दूसरे शहरों में लागू करने की सिफारिश की गई है। चंडीगढ़ के सफल सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग एंड रीसाइक्लिंग मॉडल ने साबित किया है कि कचरा कमाई का जरिया बन सकता है। अन्य शहरों में पॉलिसी बनाकर लागू करने को कहा गया है।

टॉप शहरों से आगे चंडीगढ़, फिर भी रैंकिंग में पीछे

नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत वित्त वर्ष 2025-26 तक वायु प्रदूषण में 20 से 30% कमी का लक्ष्य रखा गया था। पीएम-10 हवा में मौजूद 10 माइक्रोमीटर या उससे छोटे हानिकारक कण होते हैं, जो फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। चंडीगढ़ ने 26% कमी के साथ इस लक्ष्य को हासिल किया, जबकि शीर्ष रैंक वाले कई शहर इसमें पिछड़ गए।

शहर बेस ईयर वर्ष कितने

2017-18 2025-26 % सुधार

लखनऊ 253 135 46.64%

इंदौर 125 76 39.20%

चंडीगढ़ 114 90 21.05%

बीते 6 साल में मिले 41 करोड़ रु., इस बार एक साथ 52 करोड़ रुपए