ट्रेन से आते,खेत में छिपते...रात 1-2 बजे करते थे डकैती: मोतिहारी के 5 केस का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार; 15.50 लाख कैश, R15 बाइक बरामद - Motihari (East Champaran) News

Published on 10 सित॰ 2026

मोतिहारी के सिकरहना अनुमंडल के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों में हुई पांच बड़ी डकैती की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अंतरजिला डकैत गिरोह के मास्टरमाइंड मो. शफीक मंसूरी उर्फ बंठा समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

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इनके पास से डकैती में लूटे गए करीब 15.50 लाख रुपए नकद, जेवरात, चरस, पिस्टल, दरवाजा तोड़ने वाला रॉड और डकैती के पैसे से खरीदी गई Yamaha R15 बाइक बरामद की गई है। गिरोह के छह अन्य सदस्य अभी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए सीतामढ़ी और नेपाल सीमा से सटे इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही है।

सिकरहना डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि अनुमंडल क्षेत्र में लगातार पांच बड़ी डकैती की घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर उनके नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।

टीम में चिरैया थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष अंबेश कुमार समेत कई पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। टीम ने तकनीकी और गुप्त सूचना के आधार पर गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

सीतामढ़ी से जुड़े थे गिरोह के तार, नेपाल के बदमाश भी शामिल

पुलिस के अनुसार जांच के दौरान पता चला कि डकैती की घटनाओं में शामिल बदमाश सीतामढ़ी जिले के बेला, परिहार, बथनाहा और मेहसौल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। गिरोह में नेपाल के रहने वाले कुछ अपराधियों के भी शामिल होने की बात सामने आई।

इसके बाद पुलिस ने इन इलाकों में अपने गुप्तचर सक्रिय किए। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बथनाहा थाना क्षेत्र के भलही गांव निवासी मो. शफीक मंसूरी उर्फ बंठा हाल ही में जेल से छूटकर बाहर आया है। वह पहले भी डकैती के मामले में जेल जा चुका था। पुलिस को शक हुआ कि सिकरहना में हुई घटनाओं के पीछे उसकी भूमिका हो सकती है।

इसके बाद पुलिस ने बंठा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने सिकरहना अनुमंडल में हुई पांचों डकैती की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसने गिरोह में शामिल अन्य बदमाशों के नाम और उनके ठिकानों की जानकारी भी पुलिस को दी।

पूछताछ में खुला वारदात का पूरा राज

बंठा की निशानदेही पर पुलिस ने लूटे गए रुपए और जेवरात बरामद किए। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, घर का दरवाजा तोड़ने वाला रॉड और डकैती के पैसे से खरीदी गई Yamaha R15 बाइक भी बरामद की गई। इसके बाद पुलिस ने उसके बताए ठिकानों पर छापेमारी कर गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ में गिरोह के नेटवर्क और पूर्व की अन्य आपराधिक घटनाओं के बारे में भी जानकारी मिली है। अब फरार छह बदमाशों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

पहले रेकी, फिर ट्रेन से सिकरहना पहुंचते थे

पुलिस के अनुसार मास्टरमाइंड बंठा ने पूछताछ में डकैती करने का पूरा तरीका बताया। वह पहले गांव की रेकी करता था। इस दौरान यह पता लगाया जाता था कि किस घर में रुपए या कीमती सामान है, कौन सा घर अपेक्षाकृत सुनसान है और पुलिस की गश्ती किस समय होती है।

रेकी पूरी होने के बाद गिरोह के सदस्य सीतामढ़ी से ट्रेन पकड़कर सिकरहना पहुंचते थे। रात करीब 10 बजे तक वे गांव के आसपास खेतों में छिप जाते थे। इसके बाद रात 1 से 2 बजे के बीच, जब ग्रामीण गहरी नींद में होते थे, गिरोह के सदस्य घर में घुसकर डकैती करते थे।

वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश फिर खेतों में जाकर छिप जाते थे। सुबह होने पर ट्रेन पकड़कर सीतामढ़ी वापस लौट जाते थे। पुलिस का मानना है कि इसी तरीके के कारण स्थानीय पुलिस को काफी समय तक उनके बारे में ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था।

डकैती के रुपए से जमीन और चरस का कारोबार

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में गिरोह के मास्टरमाइंड ने डकैती से मिले पैसों के इस्तेमाल को लेकर भी जानकारी दी। उसके अनुसार गिरोह के सदस्य लूट की रकम को आपस में बांटने के बजाय उसका इस्तेमाल जमीन खरीदने और चरस के कारोबार में करते थे।

पुलिस के अनुसार जमीन और मादक पदार्थ के कारोबार से होने वाले मुनाफे को बाद में गिरोह के सदस्यों के बीच बांटा जाता था। अब पुलिस डकैती की रकम से खरीदी गई जमीन और अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रही है। चरस की बरामदगी के बाद मादक पदार्थ से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

सीतामढ़ी, शिवहर और पूर्वी चंपारण में दर्ज हैं मामले

डीएसपी के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। इनके खिलाफ सीतामढ़ी, शिवहर और पूर्वी चंपारण के अलग-अलग थानों में पहले से कई मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।

पुलिस ने बरामद हथियार और अन्य सामान को जांच के लिए भेज दिया है। फरार छह अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह से जुड़े और मामलों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस के लिए इस कार्रवाई की अहमियत इसलिए भी है कि एक ही गिरोह द्वारा सिकरहना अनुमंडल में की गई पांच बड़ी डकैती की घटनाओं की कड़ी एक साथ जोड़ने में सफलता मिली है। अब पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क, फरार सदस्यों और डकैती के पैसों से बनाई गई संपत्ति का पता लगाने में जुटी है।