पीएम मोदी ने आज फिर कहा, 'सोना न खरीदें', ₹1.54 लाख के करीब आ गया गोल्ड

Published on 1 सित॰ 2026

Sep 01, 2026 10:11 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • MCX पर मंगलवार, 1 सितंबर को सुबह के कारोबार में सोने के भाव जहां 0.12 प्रतिशत गिरकर 154282 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहे थे वहीं, चांदी की कीमत 0.46% ऊपर 234907 रुपये प्रति किलो पर थी
MCX Gold Silver Price Today

पीएम मोदी ने आज फिर कहा सोना न खरीदे', ₹1.54 लाख के करीब आ गया गोल्ड

MCX Gold Price: पीएम नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील की है। उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए कहा है कि जबतक जरूरी न हो, सोना न खरीदें। इस बीच MCX पर मंगलवार, 1 सितंबर को सुबह के कारोबार में सोने के भाव जहां 0.12 प्रतिशत गिरकर 154282 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहे थे वहीं, चांदी की कीमत 0.46% ऊपर 234907 रुपये प्रति किलो पर थी।

इंटरनेशनल मार्केट में तेजी

इसके उलट इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमत में दो दिन की गिरावट के बाद अब थोड़ी राहत है। अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने में पहली बार आमने-सामने की कार्रवाई हुई है, जिससे खतरा बढ़ गया है कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतें महंगाई को और हवा देंगी और फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें बढ़ाने पर मजबूर कर देंगी।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक सुबह सोना करीब 4,445 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। पिछले दो दिनों में इसमें 3.5% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी थी। अमेरिकी सेना ने होर्मुज में एक द्वीप पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर हमले कर दिए।

इन हमलों से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। करीब छह महीने से चल रहे इस विवाद में दोनों देश होर्मुज के मुद्दे पर आमने-सामने हैं, जिससे ऊर्जा बाजार में हलचल मची हुई है। सोमवार को तेल की कीमतों में तीन हफ्तों की सबसे बड़ी उछाल आई और आज मंगलवार को चढ़ने के बाद अब वे और ऊपर चली गई हैं। ऊर्जा के महंगे होने का मतलब है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक को महंगाई काबू में रखने के लिए ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं और यह आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक होता है, क्योंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता।

अगस्त में सोने में करीब 10% की तेजी

अगस्त में सोने में करीब 10% की तेजी आई थी, जो जनवरी के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़त थी। इसकी वजह थी अमेरिकी ट्रेजरी का मिड-महीने अचानक यह ऐलान कि वे सरकारी बॉन्ड की खरीदारी बढ़ाएंगे। इस कदम से उधारी की लागत काबू में रखने की कोशिश की गई, जिसने तथाकथित ‘डिबेसमेंट ट्रेड’ को फिर से जिंदा कर दिया।

हालांकि, यह रफ्तार तब थम गई जब शुक्रवार को फेड के चेयरमैन केविन वॉर्श ने सख्त रुख अपनाते हुए महंगाई से लड़ने की बात कही। इसके बाद ट्रेडर्स ने 15-16 सितंबर की अगली बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना 60% से ज्यादा आंक ली। अब सोने की कीमत वापस अपने 200-दिन के चलन औसत (जिसे बाजार की रफ्तार का अहम संकेतक माना जाता है) से नीचे आ गई है।

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें