1 अक्टूबर से क्या-क्या बदलने वाला है? PUC के बिना Petrol नहीं, ज्यादा कटेगा PF? AC-TV की कीमतों पर 8% की बढ़त

Published on 30 सित॰ 2026

Time Published: Wednesday, September 30, 2026, 22:51 [IST]

1 October 2026 Rules: अक्टूबर की शुरुआत आम लोगों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आ रही है। 1 अक्टूबर 2026 से दिल्ली-NCR में वैलिड PUC/PUCC के बिना वाहनों में फ्यूल भरवाने पर रोक लागू होने जा रही है। वहीं, सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल के लिए आधार-बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। EPFO की वेज सीलिंग बढ़ने का असर कुछ कर्मचारियों की PF कटौती और इन-हैंड सैलरी पर पड़ सकता है। दूसरी तरफ, त्योहारी सीजन से ठीक पहले AC, LED TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरणों की कीमतों में भी करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी की तैयारी है।

लेकिन इन सभी बदलावों को एक ही तरह से समझना सही नहीं होगा। किस पर सीधा असर पड़ेगा, किसे ज्यादा PF देना पड़ सकता है और किन चीजों के लिए अभी तैयारी करनी चाहिए, आइए समझते हैं...

1-october-2026-rules

1. PUC नहीं तो फ्यूल नहीं: दिल्ली-NCR में बदल जाएगा नियम

1 अक्टूबर से दिल्ली-NCR में वाहन चलाने वालों के लिए सबसे बड़ा बदलाव PUC यानी Pollution Under Control Certificate से जुड़ा है। CAQM यानी Commission for Air Quality Management के Direction No. 101 के तहत NCR में वैलिड PUCC के बिना वाहनों को फ्यूल देने पर रोक लगाने का प्रावधान है। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से पूरे NCR में लागू होनी है। मतलब कि दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, रेवाड़ी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, झज्जर, पलवल, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद, करनाल, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, अलवर, भरतपुर में यह नियम लागू होगा।

1-october-2026-rules

सिर्फ दिल्ली की गाड़ियों पर लागू नहीं?

यह महत्वपूर्ण बात है। CAQM का निर्देश पूरे NCR में फ्यूलिंग से जुड़ा है। यानी NCR में प्रवेश करने वाले दूसरे राज्यों के वाहन भी यह मानकर न चलें कि उनका बाहर का रजिस्ट्रेशन उन्हें इस जांच से बाहर रखेगा।

2. PF में कितना ज्यादा कटेगा? किसे सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?

PF को लेकर सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में यह दावा किया जा रहा है कि अक्टूबर से कर्मचारियों की सैलरी में 12% की अतिरिक्त कटौती होगी। इसे सीधे तौर पर सही नहीं माना जा सकता। असल बदलाव EPFO की वेज सीलिंग में हुआ है। सरकार ने EPFO के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेज सीलिंग को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ। खास तौर पर उन पात्र कर्मचारियों को, जिनकी PF के लिए मानी जाने वाली वेज पहले ₹15,000 की सीमा से ऊपर थी, लेकिन अब ₹25,000 तक है। नई व्यवस्था के तहत योगदान की गणना ₹25,000 या वास्तविक वेज, जो कम हो, उस आधार पर हो सकती है, संबंधित वैधानिक शर्तों के अनुसार। इसका मतलब यह भी है कि PF खाते में ज्यादा पैसा जाएगा, लेकिन अगर यह योगदान कर्मचारी की सैलरी से काटा जाता है तो इन-हैंड सैलरी कम हो सकती है।

1-october-2026-rules

ध्यान दें: हर कर्मचारी की PF कटौती ₹3,000 नहीं होगी। वास्तविक योगदान कर्मचारी के PF वेज, संस्थान और लागू EPF नियमों पर निर्भर करेगा।

3. LPG सिलेंडर के लिए आधार-बायोमेट्रिक जरूरी

1 अक्टूबर 2026 से घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए एक और अहम बदलाव लागू होगा। सरकार के मुताबिक, सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल को रेगुलेटेड रिटेल सेलिंग प्राइस पर लेने और लागू सब्सिडी का लाभ पाने के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) पूरा करना जरूरी होगा। 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ता, यानी करीब 89.9%, अपना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा कर चुके थे। जिन लोगों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कुछ करने की जरूरत नहीं है।

ऑथेंटिकेशन कैसे कराएं?

इसके लिए तीन प्रमुख विकल्प दिए गए हैं...

  • 1. सिलेंडर की डिलीवरी के समय
  • 2. LPG डिस्ट्रीब्यूटर के यहां
  • 3. Oil Marketing Company के मोबाइल ऐप से

इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP Gas के लिए HP PAY जैसे आधिकारिक ऐप के जरिए भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

अगर आधार-बायोमेट्रिक नहीं कराया तो क्या सिलेंडर बंद हो जाएगा?

नहीं, यहां सबसे जरूरी अंतर समझना होगा। LPG मिलना पूरी तरह बंद नहीं होगा, लेकिन बिना BAA के उपभोक्ता को सब्सिडी वाली/रेगुलेटेड कीमत का लाभ नहीं मिल सकता और बाजार मूल्य लागू हो सकता है।

4. AC, TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन हो सकती हैं महंगी

त्योहारी सीजन शुरू होने से ठीक पहले घरेलू उपकरण खरीदने वालों के लिए कीमतों का असर देखने को मिल सकता है। उद्योग से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, 1 अक्टूबर से कई कंपनियां AC, LED TV, वॉशिंग मशीन और दूसरे Consumer Appliances की कीमतों में 5-8% तक बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। यह 2026 में इस इंडस्ट्री की तीसरी कीमत वृद्धि बताई जा रही है। हालांकि, हर उत्पाद और हर ब्रांड 8% महंगा नहीं होगा।

कुछ कंपनियां AC की कीमतों में 5-8% तक बढ़ोतरी कर रही हैं, जबकि कुछ निर्माताओं ने TV, Refrigerator और Washing Machine जैसी श्रेणियों में करीब 3-4% की वृद्धि की बात कही है। कई कंपनियां अभी भी अंतिम फैसला ले रही हैं।

कीमत क्यों बढ़ रही है?

कंपनियों के मुताबिक इसके पीछे कई कारण हैं...

  • कॉपर की कीमत में बढ़ोतरी
  • स्टील और एल्युमीनियम की लागत
  • प्लास्टिक और क्रूड आधारित कच्चे माल की कीमत
  • फ्रेट/ट्रांसपोर्ट लागत
  • रुपये की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव
  • पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी लागत संबंधी अनिश्चितता

कौन-सी चीज कितनी महंगी हो सकती है?

प्रोडक्ट संभावित बढ़ोतरी
AC करीब 5-8%
LED TV कुछ कंपनियों में करीब 3-4%
Refrigerator कुछ कंपनियों में करीब 3-4%
Washing Machine कुछ कंपनियों में करीब 3-4%
अन्य Consumer Appliances ब्रांड और मॉडल के अनुसार अलग-अलग

साथ ही, बाजार में मौजूद पुराना स्टॉक कुछ समय तक पुराने दाम पर मिल सकता है। इसलिए 1 अक्टूबर के बाद हर दुकान पर हर मॉडल का नया रेट तुरंत लागू हो, यह जरूरी नहीं है।