पाकिस्तान में सिख छात्र बना 10वीं टॉपर, लाहौर बोर्ड में हासिल किया मुकाम, अबइंडिया की SGPC ने क्यों किया 51 हजार रुपये ईनाम देने का ऐलान

Published on 15 सित॰ 2026

पाकिस्तान में सिख छात्र बना 10वीं टॉपर, लाहौर बोर्ड में हासिल किया मुकाम, अब  इंडिया की SGPC ने क्यों किया 51 हजार रुपये ईनाम देने का ऐलान

पाकिस्तान में सिख छात्र बना 10वीं टॉपर

पाकिस्तान में सिख समुदाय के एक स्टूडेंट ने मैट्रिक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाई है. लाहौर बोर्ड की वार्षिक 10वीं की परीक्षा में ओंकार सिंह ने दूसरी रैंक हासिल की है. छात्र की इस उपलब्धि पर भारत की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने खुशी जताई है. SGPC ने उसकी पढ़ाई और मेहनत को प्रोत्साहित करने के लिए 51 हजार रुपये का पुरस्कार देने का फैसला किया है. खास बात यह है कि ओंकार ने 9वीं की परीक्षा में भी बोर्ड में दूसरा स्थान हासिल किया था. लगातार दो कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए SGPC ने इसे सिख समुदाय के लिए गर्व का विषय बताया है.

SGPC के मुख्य सचिव एस. कुलवंत सिंह मन्नन के अनुसार, छात्र की लगातार शानदार शैक्षणिक उपलब्धियों को देखते हुए उसे सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है.

कई विषयों में मिले शानदार अंक

ओंकार ने 9वीं की परीक्षा में भी अलग-अलग विषयों में बेहतरीन प्रदर्शन किया था. उन्हें इस्लामियत में 100 में से 98 अंक मिले थे. फिजिक्स में 60, केमिस्ट्री में 60 और बायोलॉजी में 59 अंक हासिल किए. इसके अलावा इंग्लिश में 75 और उर्दू में 74 अंक मिले. पवित्र कुरान के ट्रांसलेशन विषय में उन्हें 50 में से 49 अंक प्राप्त हुए. छात्र ने सभी विषयों में A+ ग्रेड हासिल किए थे.

SGPC देगी 51 हजार रुपये का पुरस्कार

SGPC के चीफ सेक्रेटरी कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि छात्र को 51 हजार रुपये देने का फैसला कार्यकारी समिति की हालिया बैठक में लिया गया. यह निर्णय SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार लिया गया है. कमेटी ने ओंकार की सफलता को पाकिस्तान के अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लिए विशेष उपलब्धि बताया है.

पिता भी हैं जाने-माने डॉक्टर

ओंकार सिंह के पिता मिम्पाल सिंह पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हैं. उन्होंने मेडिकल और एजुकेशन के क्षेत्र में भी योगदान दिया है. SGPC के मुताबिक वह पाकिस्तान के पहले सिख डॉक्टर हैं और उनकी सेवाओं के लिए पाकिस्तान सरकार ने उन्हें तमगा-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया है. SGPC ने उम्मीद जताई है कि ओंकार आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहेंगे और अपनी उपलब्धियों से सिख समुदाय का नाम रोशन करेंगे.

सपना यादव

सपना यादव

दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्‍यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्‍होंने पत्रकारिता को लक्ष्‍य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्‍यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्‍होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्‍टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.

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