
गरिमा अभियान के तहत हुई कार्रवाई.
Jabalpur Crime News: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ‘गरिमा अभियान’ के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. महिला थाना पुलिस और प्रशासनिक टीम ने अधारताल क्षेत्र से संचालित हो रहे देह व्यापार के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है. इस मामले में मुख्य सप्लायर कपिल जायसवाल उर्फ अमन जायसवाल और मकान मालिक समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोपी से पाँच दिन की पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में 100 से अधिक युवतियों और तीन राज्यों तक फैले अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अनु बेनिवाल ने टीवी9 को बताया कि तकनीकी जांच और आरोपी के मोबाइल डेटा से इस रैकेट के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. मुख्य आरोपी कपिल जायसवाल के डिजिटल रिकॉर्ड्स से 100 से ज्यादा महिलाओं और युवतियों के फोटो, वीडियो और चैट मिले हैं. आरोपी महज जबलपुर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक महिलाओं की अंतरराज्यीय सप्लाई करता था.
इस अवैध धंधे में स्थानीय स्तर पर शह देने और संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर एक पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित थाना प्रभारी से जवाब-तलब कर स्पष्टीकरण मांगा गया है.

कैफे के नाम पर ‘सीक्रेट केबिन’, नगर निगम की मदद से 5 सील
जांच में शहर के कैफे और रेस्टोरेंट संचालकों की मिलीभगत और भयानक कारनामे भी सामने आए हैं. शहर में कई ऐसे कैफे पाए गए जहां खाने-पीने का सामान नाममात्र का था, लेकिन पर्दा सिस्टम और सीक्रेट केबिन बनाकर कपल्स से घंटों के हिसाब से मनमाना किराया वसूला जा रहा था. पुलिस ने नगर निगम टीम के साथ मिलकर ऐसे अनैतिक अड्डों पर शिकंजा कसा है. अब तक 5 संदिग्ध कैफे को पूरी तरह सील किया जा चुका है और अन्य ठिकानों की सूची बनाकर जांच जारी है.
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क्या है ‘गरिमा अभियान’?
ASP अनु बेनिवाल के अनुसार, जबलपुर पुलिस द्वारा शहर में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘गरिमा अभियान’ चलाया जा रहा है. इसके तहत अनैतिक गतिविधियों, अवैध अड्डों और संदिग्ध स्थानों पर लगातार औचक छापेमारी की जा रही है.

शिव चौबे
शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.
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