टैंकर ने 11 महीने के मासूम को कुचला: मां ICU में जिंदगी की जंग लड़ रही, अगले महीने मनाना था पहला जन्मदिन - Bareilly News

Published on 24 जुल॰ 2026

बरेली में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 11 महीने के मासूम की टैंकर से कुचलकर मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मासूम के सिर के ऊपर से टैंकर का पहिया गुजर गया। हादसे के बाद बदहवास पिता बोले- मेरा इकलौते बेटे, मेरे जिगर के टुकड़े को टैंकर ने

.

बच्चे की मां भी गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जबकि चार साल की बहन भी घायल हुई है।

धनेटा फाटक के पास हुआ दर्दनाक हादसा

हादसा शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के धनेटा फाटक के पास दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर हुआ। रामपुर के शाहबाद थाना क्षेत्र के करीमगंज गांव निवासी राकेश कुमार (25) अपनी पत्नी कामना (22), बेटी अमनी (4) और 11 महीने के बेटे पीयूष के साथ बाइक से भोजीपुरा स्थित रिश्तेदारी में जा रहे थे। परिवार अपनी सीटी-100 बाइक से सफर कर रहा था। इसी दौरान धनेटा फाटक के पास गलत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार टैंकर ने बाइक में टक्कर मार दी।

पहिए के नीचे आया मासूम, मौके पर हुई मौत

टक्कर लगते ही 11 महीने का पीयूष टैंकर के पहिए के नीचे आ गया। उसके सिर के ऊपर से पहिया गुजरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना दर्दनाक था कि सड़क पर दूर-दूर तक मांस के लोथड़े बिखर गए। हादसे में मासूम की मां कामना गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि चार वर्षीय बेटी अमनी को भी चोटें आई हैं।

ICU में भर्ती मां, सदमे में पिता

राकेश कुमार ने बताया- टैंकर गलत दिशा से आया और उनकी बाइक को टक्कर मार दी। उनकी पत्नी को गंभीर हालत में राजश्री मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा- मेरे सामने मेरी पूरी दुनिया उजड़ गई। मेरे मासूम बेटे की मौत हो गई और मैं कुछ भी नहीं कर सका।" सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

अगले महीने था पहला जन्मदिन पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद राकेश की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। उन्होंने बताया कि पीयूष उनका इकलौता बेटा था, जो बड़ी मन्नतों के बाद पैदा हुआ था। अगले महीने उसका पहला जन्मदिन मनाया जाना था, लेकिन उससे पहले ही वह इस दुनिया से चला गया। राकेश ने बताया कि उनकी पत्नी को अभी तक बेटे की मौत की जानकारी नहीं है, क्योंकि हादसे के बाद वह बेहोश थी।

पत्नी पूछेगी बेटा कहां है, मैं क्या जवाब दूंगा बिलखते हुए राकेश ने कहा- जब मेरी पत्नी को होश आएगा तो वह पूछेगी कि हमारे कलेजे का टुकड़ा कहां है। मैं उसे क्या जवाब दूंगा?" उन्होंने कहा- जिस बेटे को अपनी गोद में खिलाया, उंगली पकड़कर चलाना चाहता था, आज उसी की लाश लेकर घर कैसे जाऊं।" उनकी यह पीड़ा सुनकर पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।