Published: Thursday, October 8, 2026, 13:33 [IST]
Nana Patekar Death: बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। 75 साल की उम्र में एक्टर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। बताया जा रहा है कि आज यानी 8 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) सुबह गोवा स्थित उनके घर पर उनका निधन हुआ। नाना पाटेकर अपने बेबाक अंदाज, दमदार अभिनय और जिंदगी को लेकर अपनी अलग सोच के लिए जाने जाते थे।
नाना पाटेकर की मौत के बाद पुराना बयान वायरल
नाना पाटेकर की जिंदगी से जुड़ी एक पुरानी बात उनके निधन के बाद एक बार फिर चर्चा में आ गई है। दरअसल एक्टर ने कुछ साल पहले ही अपने अंतिम संस्कार को लेकर बेहद स्पष्ट बात कही थी। उन्होंने यहां तक बताया था कि उनके अंतिम सफर के लिए किस तरह की लकड़ी इस्तेमाल की जानी चाहिए।
मौत को लेकर नाना पाटेकर की सोच थी बिल्कुल साफ
-सितंबर 2023 में फिल्म द वैक्सीन वॉर के प्रमोशन के दौरान नाना पाटेकर ने आज तक को दिए एक इंटरव्यू में जिंदगी और मौत को लेकर खुलकर बात की थी। इस बातचीत में उन्होंने कहा था कि इंसान को एक न एक दिन इस दुनिया से जाना ही है और वह इस सच्चाई को स्वीकार करते हैं।
-अपने अंतिम संस्कार के बारे में बात करते हुए नाना पाटेकर ने कहा था कि आखिर में इंसान के पास बहुत कुछ नहीं बचता। उन्होंने अपनी अंतिम संपत्ति के तौर पर लकड़ी का जिक्र किया था। एक्टर ने कहा था- हमको मालूम है कि हमें 12 मन लकड़ी लगने वाली है, यही मेरी फाइनल प्रॉपर्टी है। इसके साथ मैं चला जाऊंगा।
'12 मन लकड़ी जमा करके रखी है'
-नाना पाटेकर की बात यहीं खत्म नहीं हुई थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में ये भी बताया था कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी का इंतजाम पहले से कर रखा है। एक्टर की इच्छा थी कि उनके अंतिम संस्कार में सूखी लकड़ी का इस्तेमाल किया जाए।
-उन्होंने कहा था- मैंने 12 मन लकड़ी जमा करके रखी है। वह सूखी है। मुझे उसी में जलाना। गीली लकड़ी का इस्तेमाल मत करना। नाना पाटेकर की ये बात सुनने में भले ही बेहद गंभीर लगे लेकिन उन्होंने इसे अपने खास अंदाज में मजाक से जोड़ दिया था।
'मरते समय गलतफहमी नहीं होनी चाहिए'
-नाना पाटेकर ने सूखी लकड़ी की अपनी इच्छा के पीछे की वजह भी बेहद अलग अंदाज में बताई थी। उन्होंने मजाक करते हुए कहा था कि अगर लकड़ी गीली होगी तो धुआं ज्यादा होगा और लोगों की आंखों में आंसू आ सकते हैं। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में उन्हें मरते वक्त ये गलतफहमी हो सकती है कि लोग उनके लिए रो रहे हैं। एक्टर ने हंसते हुए कहा था कि कम से कम मरते समय ऐसी गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।
-नाना पाटेकर का ये बयान अब उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर फिर से चर्चा में आ गया है। जिंदगी और मौत को लेकर नाना पाटेकर का ये बेबाक नजरिया उनके व्यक्तित्व की एक अलग तस्वीर पेश करता है।
कैसे बीते नाना पाटेकर के आखिरी घंटे?
-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नाना पाटेकर ने निधन से कुछ घंटे पहले एक दोस्त को बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं लग रही है और उनके सीने के बाईं ओर दर्द हो रहा है। बताया जा रहा है कि रात करीब 2:30 बजे उन्होंने अपने दोस्त से इस बारे में बात की थी। इसके बाद उनका दोस्त गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पहुंचा। वहां अभिनेता को तकलीफ में देखने के बाद केयरटेकर को बुलाया गया और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।
-नाना पाटेकर को सुबह करीब 4:20 बजे मनिपाल हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुबह करीब 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि अभिनेता एक्टर की मौत की सही वजह की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत से लेकर उनके प्रशंसकों तक हर कोई गहरे दुख में है।
नाना पाटेकर की ये बात अब बन गई याद
-नाना पाटेकर ने अपनी दमदार एक्टिंग से भारतीय सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई थी। फिल्मों में उनके निभाए किरदारों से लेकर उनके इंटरव्यू तक, उनका अंदाज हमेशा बाकी कलाकारों से अलग रहा। मौत को लेकर भी उन्होंने जिस सहजता और बेबाकी से बात की थी, वह अब उनके फैंस के बीच उनकी एक याद बन गई है।
-जिस '12 मन लकड़ी' को उन्होंने कभी अपनी फाइनल प्रॉपर्टी कहा था, आज उनके निधन के बाद वही पुराना बयान लोगों का ध्यान खींच रहा है। उनका ये अंदाज बताता है कि नाना पाटेकर जिंदगी की सबसे गंभीर सच्चाई को भी अपने खास अंदाज और हल्के हास्य के साथ देखने का हुनर रखते थे।
-नाना पाटेकर का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपने अभिनय से कई यादगार किरदारों को जीवंत किया और अपनी बेबाक शख्सियत से भी लोगों के बीच खास जगह बनाई। अंतिम संस्कार को लेकर उनका पुराना बयान अब उनके चाहने वालों के लिए एक भावुक याद बन गया है।