रायपुर में 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का CM विष्णुदेव साय ने शुभारंभ किया। 33 जिलों में उद्यमिता केंद्र, 100 टेक लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे।
14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का आगाज
- Published: 18 Sep 2026, 01:40 PM IST
- Last Updated: 18 Sep 2026, 03:17 PM IST
रायपुर। राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में शुक्रवार को लघु उद्योग भारती के तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026’ का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ किया। 18 से 20 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से 300 से अधिक MSME उद्यमी, निवेशक और औद्योगिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। मेले में उद्योगों के उत्पाद, नई तकनीक और नवाचार प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक उद्योगों के साथ नई अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए केवल नियामक की भूमिका निभाना नहीं, बल्कि निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाकर उन्हें सहयोग देने वाले ‘एक्सीलरेटर’ के रूप में काम करना है।
नई औद्योगिक नीति से निवेश को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के जरिए निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेश प्रोत्साहन, नए सेक्टरों के विकास और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर विशेष जोर दिया गया है।उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, ताकि उद्योग स्थापित करने में प्रक्रियागत बाधाएं कम हों। सरकार का जोर निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने और उद्योगों को समय पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
AI, IT और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टरों पर जोर
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक अर्थव्यवस्था अब कोयला, स्टील और सीमेंट तक सीमित नहीं रहेगी। AI, IT, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 1100 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। सरकार का लक्ष्य टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित कर नए निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।
स्थानीय युवाओं के रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय युवाओं तक पहुंचना जरूरी है। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय लोगों को अधिक रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक, बाजार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर काम कर रही है।
छत्तीसगढ़ में निवेश की व्यापक संभावनाएं
सीएम साय ने छत्तीसगढ़ की खनिज, ऊर्जा और वन संपदा को राज्य की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि प्रदेश में कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे खनिज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने लघु वनोपज के प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के जरिए वन क्षेत्रों में रोजगार और स्थानीय आय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, बिजली, जल संसाधन, मानव संसाधन और प्राकृतिक संपदा उद्योगों के लिए अनुकूल आधार उपलब्ध कराते हैं।
उद्योग मंत्री बोले- निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन शुरू
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के बाद प्रदेश में निवेश प्रस्ताव आने के साथ ही कई परियोजनाओं का क्रियान्वयन भी शुरू हुआ है। छोटे और बड़े उद्योगों की स्थापना से रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
देशभर के उद्यमियों को एक मंच पर लाने का अवसर- अरुण साव
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर देशभर के उद्यमियों को एक मंच पर लाने का अवसर है। इससे उत्पाद, तकनीक और नवाचार साझा करने के साथ नए व्यावसायिक संपर्क विकसित होंगे।
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