बिहार से दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों का सफर होगा आसान: पटना पहुंच रहीं 149 नई AC-Non AC डीलक्स बसें, इन रूटों पर होगा परिचालन

Published on 16 अग॰ 2026

Bihar News: बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) अपनी अंतर्राज्यीय बस सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी क्रम में बिहार से दूसरे राज्यों के बीच परिचालन के लिए 149 नई AC और नॉन-AC डीलक्स बसें पटना पहुंच रही हैं। इनमें से 78 बसें फुलवारीशरीफ डिपो पहुंच चुकी हैं, जबकि बाकी बसों के इस महीने के अंत तक पहुंचने की उम्मीद है।

निगम के मुताबिक, नई डीलक्स बसों का परिचालन बिहार से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड के लिए किया जाएगा। इससे बिहार के कामगारों, छात्रों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए आरामदायक और किफायती विकल्प मिलेगा।

खासकर त्योहारों के दौरान दूसरे राज्यों से बिहार लौटने वाले मजदूरों और विद्यार्थियों को इन बस सेवाओं से राहत मिलने की उम्मीद है। आगामी त्योहारी सीजन में बड़ी संख्या में नई बसों का परिचालन शुरू करने की तैयारी है।

नई बसों में से कुछ का परिचालन फिलहाल पटना-देवघर रूट पर श्रावणी मेला को देखते हुए किया जा रहा है। वहीं, बिहार और हरियाणा के बीच सीधी बस सेवा शुरू करने को लेकर सहमति बन चुकी है। अन्य राज्यों के साथ भी अंतर्राज्यीय बस परिचालन को लेकर बातचीत जारी है।

BSRTC के अनुसार, नई डीलक्स बसों में लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। इनमें आरामदायक सीटें, बेहतर सस्पेंशन, एसी सुविधा और जरूरी सुरक्षा मानकों को शामिल किया गया है।

इन बसों के संचालन से यात्रियों की निजी बसों पर निर्भरता कम होने और उन्हें अपेक्षाकृत किफायती किराये पर यात्रा का विकल्प मिलने की उम्मीद है।इसी बीच, पीएम ई-पिंक बसों का भी पटना पहुंचना शुरू हो गया है। अब तक पांच इलेक्ट्रिक पिंक बसें राजधानी पहुंच चुकी हैं। इन बसों को पुणे से चरणबद्ध तरीके से बिहार भेजा जा रहा है।

इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ अंतर-जिला और ग्रामीण इलाकों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार की उम्मीद है। नई बस सेवाओं के विस्तार से परिवहन सुविधाएं बेहतर होने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

कुल मिलाकर, 149 नई AC और नॉन-AC डीलक्स बसों के परिचालन से बिहार की अंतर्राज्यीय परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी और झारखंड जैसे राज्यों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।