15 बार पैरोल पर गया, हर बार लौटा... 16वीं पैरोल से पहले 'मिस्टर गुड' सतना सेंट्रल जेल से फरार

Published on 8 अक्टू॰ 2026

Satna News: मध्य प्रदेश के सतना सेंट्रल जेल से सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. यहां हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी अच्छेलाल प्रजापति (52) फरार हो गया. हैरानी की बात यह है कि कैदी पिछले 13 साल से अधिक समय से जेल में बंद था और इस दौरान करीब 15 बार पैरोल पर बाहर जा चुका था. वह हर बार तय समय पर जेल वापस लौटा था. जेल में उसके अच्छे व्यवहार के चलते स्टाफ उसे प्यार से ‘मिस्टर गुड’ कहता था. अब उसके फरार होने के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

गौशाला और सफाई के काम के लिए निकला था

जेल प्रशासन के मुताबिक, अमरपाटन तहसील के पडक्का गांव निवासी अच्छेलाल प्रजापति पुत्र दशईया को हत्या के मामले में सजा सुनाई गई थी. वह सतना केंद्रीय जेल में सजा काट रहा था. रोज की तरह बुधवार को वह जेल परिसर में गौशाला और साफ-सफाई के काम के लिए बाहर निकला था.

सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच अच्छेलाल ने प्रभारी प्रहरी से शौचालय जाने की बात कही. इसके बाद वह मंदिर के पास बने शौचालय की तरफ चला गया, लेकिन काफी देर बाद भी वापस नहीं लौटा. जब जेल कर्मचारियों ने तलाश शुरू की तो उसके फरार होने की जानकारी सामने आई.

15 बार पैरोल पर गया, कभी नियम नहीं तोड़ा

जेल अधीक्षक लीना कोस्टा के मुताबिक, अच्छेलाल को सजा के दौरान करीब 15 बार पैरोल मिली थी. वह हर बार तय समय पर जेल वापस लौट आया. जेल प्रशासन के मुताबिक, उसने कभी पैरोल की समय सीमा का उल्लंघन नहीं किया. न किसी से विवाद किया और न ही जेल में उसका व्यवहार कभी आक्रामक रहा. यही वजह थी कि जेल के कर्मचारी उसे ‘मिस्टर गुड’ कहकर बुलाते थे. वह शांत स्वभाव का था और जेल के कामों में भी उसका व्यवहार अच्छा बताया गया.

जेल में काम करके कमाए 89 हजार रुपए

अच्छेलाल ने जेल में रहते हुए कई तरह के काम किए. बताया गया कि उसने जेल परिसर के बाहर भी करीब पांच साल तक काम किया और बिना किसी शिकायत के अपनी जिम्मेदारी निभाई. काम के दौरान उसने करीब 89 हजार रुपए कमाए थे. खास बात यह है कि उसने अपनी कमाई में से कोई पैसा खर्च नहीं किया था. जेल प्रशासन का कहना है कि अच्छेलाल का जेल के अंदर व्यवहार दूसरे कैदियों के मुकाबले काफी अच्छा था. वह समय पर काम करता था और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करता था.

कुछ ही महीनों में पूरी होने वाली थी सजा

अच्छेलाल के फरार होने की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वह अपनी सजा के अंतिम दौर में था. जेल अधीक्षक के मुताबिक, वह 13 साल 4 महीने की सजा काट चुका था और आने वाले कुछ महीनों में उसकी रिहाई संभावित थी. इसके अलावा उसकी 16वीं पैरोल भी मंजूर हो चुकी थी और कुछ ही दिनों में वह पैरोल पर जेल से बाहर जाने वाला था.

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर वह जेल से भागा क्यों? जिस कैदी ने 15 बार पैरोल के दौरान नियमों का पालन किया और जेल में भी अच्छा व्यवहार किया, उसने रिहाई के इतने करीब पहुंचने के बाद भागने का फैसला क्यों किया, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है.

प्रहरियों की भूमिका की भी होगी जांच

कैदी के फरार होने के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि अच्छेलाल जेल परिसर से बाहर कैसे निकला और उस समय ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की निगरानी में कहां चूक हुई. जेल प्रशासन की ओर से पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद फरार कैदी की तलाश शुरू कर दी गई है. पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि किसी प्रहरी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

(रिपोर्ट- मोहम्मद फारूक/सतना)

आशीष कुमार मिश्रा

आशीष कुमार मिश्रा

आशीष कुमार मिश्रा की 6 साल से जर्नलिज्म की Journey जारी है. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को बनाने में अहम योगदान भारत के राज्यों का है. इन राज्यों से जुड़ी हर खटपट, चाहे राजनीतिक हो या सामाजिक, वो आप तक पहुंचाने में जुटा हुआ हूं. उत्तर प्रदेश समेत देश के तमाम बड़े राज्यों की सियासत को समझता हूं और बेबाकी से उसे लिखता हूं. जर्नलिज्म की Journey 2017 में न्यूज चैनल समाचार टुडे से स्टार्ट हुई, फिर नेशनल वॉइस के साथ भी काम करने का मौका मिला. दो न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल की तरफ में रुख किया. 2018 में पहली बार हैदराबाद में ईटीवी भारत की डिजिटल विंग टीम से जुड़ा. यहां साढ़े 3 साल का समय बिताने के बाद 2021 में दैनिक भास्कर (लखनऊ) की टीम से जुड़ा. अब यह सफर 2022 से टीवी9 भारतवर्ष के साथ चल रहा है. पत्रकारिता का मैंने ककहरा दैनिक जागरण इंस्टीट्यूट से सीखा. यहीं से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की.

Read More

google button