167वें आयकर दिवस पर विभाग ने चलाया स्वच्छता अभियान: पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए रेत से हटाई कांच और प्लास्टिक की बोतलें - Jaisalmer News

Published on 24 जुल॰ 2026

जैसलमेर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सम के धोरों में 167वें आयकर दिवस के अवसर पर आयकर विभाग की टीम ने विशेष स्वच्छता अभियान चलाया।

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अभियान के दौरान रेत में पड़ी कांच और प्लास्टिक की बोतलों सहित अन्य कचरा हटाकर रेगिस्तान की स्वच्छता बनाए रखने के साथ पर्यटकों, स्थानीय ऊंट चालकों और बेजुबान जानवरों को संभावित हादसों से सुरक्षित रखने का प्रयास किया गया।

रेगिस्तान की स्वच्छता बनाना

आयकर अधिकारी महेश कुल्हरी ने बताया- अक्सर घूमने आने वाले लोग रेत में कांच और प्लास्टिक की बोतलें छोड़ जाते हैं। जिससे टूटी हुई बोतलें रेत में छिप जाती हैं, जिससे पर्यटकों को खतरा बना रहता है। आयकर विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर धोरों से दर्जनों बोतलें और प्लास्टिक कचरा इकट्ठा कर उसे नष्ट करने के लिए भेजा।

आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों ने भी सफाई अभियान में सहयोग दिया।

आयकर विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों ने भी सफाई अभियान में सहयोग दिया।

स्वच्छता का सन्देश दिया

आयकर विभाग जैसलमेर की टीम ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए सम सैंड ड्यून्स पर सफाई का यह अनोखा काम किया।

इस अभियान में अधिकारियों और कर्मचारियों ने रेत के टीलों पर दूर-दूर तक फैले कचरे को खुद अपने हाथों से चुनकर एकत्र किया।

आयकर अधिकारी महेश कुल्हरी ने बताया- सफाई के दौरान टीम का सबसे ज्यादा ध्यान रेत में दबी कांच की टूटी बोतलों को हटाने पर रहा।

सम के धोरों में हर साल लाखों देश-विदेश के पर्यटक घूमने आते हैं और ऊंट की सवारी का आनंद लेते हैं।

लेकिन कई बार कुछ लोग शराब या कोल्ड ड्रिंक की बोतलें यहीं रेत में फेंक देते हैं। समय के साथ ये बोतलें रेत में दब जाती हैं और तीखी कांच की तरह छिप जाती हैं। इनसे सैलानियों और ऊंटों को गंभीर चोट लगने का डर हमेशा बना रहता है।

धोरों पर बड़ी संख्या में प्लास्टिक व कांच की बोतलें हटाई गई।

धोरों पर बड़ी संख्या में प्लास्टिक व कांच की बोतलें हटाई गई।

स्थानीय लोगों ने भी सहयोग किया

आयकर विभाग के इस कदम में स्थानीय निवासियों ने भी पूरा साथ दिया। अभियान के दौरान आयकर अधिकारी महेश कुल्हरी, निरीक्षक पारस प्रकाश, विक्रम सैन, तनिष, अशोक कुमार, योगेश कुमार, नवीन पुरोहित और सवाई सिंह समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।

विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों, रिसॉर्ट मालिकों और यहाँ आने वाले सैलानियों से एक खास अपील भी की। अधिकारियों ने कहा कि रेगिस्तान का यह इलाका बहुत संवेदनशील है। यहाँ कचरा फैलाना न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि किसी की जान के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए सभी को मिलकर धोरों को साफ-सुथरा रखने में अपना सहयोग देना चाहिए।