गुजरात के बनासकांठा में भारतमाला हाईवे पर आवारा मवेशी से टकराकर रेंज रोवर कार डिवाइडर में जा घुसी। भीषण हादसे में 2 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 1 घायल अहमदाबाद रेफर है।
दून हॉराइज़न, अहमदाबाद (30 सितंबर) : बनासकांठा जिले में भारतमाला परियोजना (Bharatmala Highway) से जुड़े थराद-डीसा मार्ग पर मालपुर के पास एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई।
हादसा 27 सितंबर की सुबह का है, जब राजकोट रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक रेंज रोवर डिस्कवरी राजस्थान की तरफ बढ़ रही थी। सुबह की खाली सड़क पर अचानक एक भारी-भरकम आवारा सांड वाहन के आगे आ गया। रफ्तार अधिक होने की वजह से चालक को ब्रेक लगाने या स्टीयरिंग मोड़ने की कोई मोहलत नहीं मिली। जबरदस्त भिड़ंत के बाद कार का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे कंक्रीट डिवाइडर में जा घुसी।
टक्कर इतनी भयावह थी कि भारी बॉडी और आधुनिक सुरक्षा मानकों के बावजूद लग्जरी एसयूवी चकनाचूर हो गई और उसके हिस्से कई मीटर दूर तक छिटक गए।
तेज धमाके की आवाज सुन पहुंचे ग्रामीण, राहत कार्य में जुटे
दुर्घटना के फौरन बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने बिना वक्त गंवाए 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा और स्थानीय पुलिस थाने को सूचना दी। वाहन के अंदर तीन लोग मौजूद थे, जिनमें से दो यात्रियों ने सिर और सीने पर लगी गंभीर चोटों के चलते मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बचाव दल ने तीसरे घायल को क्षतिग्रस्त मलबे से बाहर निकाला। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरुआती उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी हालत बेहद चिंताजनक बताई, जिसके बाद बेहतर न्यूरो और ट्रॉमा केयर के लिए मरीज को अहमदाबाद के बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मवेशियों की घुसपैठ और हाई-स्पीड कॉरिडोर्स पर सुरक्षा का सवाल
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त गाड़ी को सड़क किनारे करवाया, ताकि हाईवे पर यातायात बाधित न हो। मृतकों के शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
अक्सर यह देखा गया है कि भारतमाला और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसे नियंत्रित गति वाले कॉरिडोर्स पर मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए फेंसिंग के प्रावधान होते हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर बाड़ टूटने या कट बनाए जाने से मवेशी सीधे लेन में घुस आते हैं।
सुबह के वक्त दृश्यता कम होने और 100 किमी प्रति घंटे से अधिक रफ्तार होने पर चालक के पास रिएक्शन टाइम बेहद कम बचता है, जिससे ऐसे घातक हादसों की आशंका बढ़ जाती है। पुलिस फिलहाल गाड़ी की सटीक गति और दुर्घटना के अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।