एक्टर अनंत नाग को 2024 का दादा साहब फाल्के अवॉर्ड:300+ फिल्मों में काम किया; मालगुड़ी डेज से प्रसिद्ध हुए, KGF में भी थे
8 घंटे पहले
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दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया जाएगा।
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने बुधवार को इसकी घोषणा की। 22 सितंबर को गुजरात के केवडिया में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में अनंत नाग को पुरस्कार दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोस्ट करके अनंत नाग को बधाई दी। उन्होंने लिखा- कई दशकों तक उनके सहज अभिनय, बेहतरीन बहुमुखी प्रतिभा ने भारतीय सिनेमा, खासकर कन्नड़ सिनेमा पर एक मजबूत छाप छोड़ी है।

'केजीएफ' में आनंद इंगलागी बने थे अनंत नाग
अनंत नाग ने ब्लॉकबस्टर फिल्म 'केजीएफ: चैप्टर 1' (2018) में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक 'आनंद इंगलागी' का महत्वपूर्ण किरदार निभाया था। फिल्म में वे एक नरेटर (सूत्रधार) की भूमिका में नजर आए थे, जो टीवी चैनल के इंटरव्यू में 'कोलार गोल्ड फील्ड्स' (KGF) और रॉकी (यश) के बनने व उभरने की दास्तान सुनाते हैं।
उनकी गंभीर आवाज, सधी हुई अदाकारी और कहानी सुनाने के अंदाज ने पहले पार्ट को एक मजबूत आधार दिया था। इस किरदार के लिए उन्होंने अपनी आवाज और स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों को शुरुआत से अंत तक जोड़े रखा, जिसने 'केजीएफ 1' की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी।

'केजीएफ: चैप्टर 1' में पत्रकार आनंद इंगलागी के रोल में अनंत नाग।
हालांकि, 'केजीएफ: चैप्टर 2' (2022) में अनंत नाग नजर नहीं आए थे। फिल्म के निर्देशक प्रशांत नील शुरुआत में चैप्टर 2 में भी उन्हें उसी रोल में जारी रखना चाहते थे, लेकिन कहानी में बदलाव और स्वास्थ्य कारणों की वजह से वे दूसरे भाग का हिस्सा नहीं बन सके।
300 से ज्यादा फिल्मों में कर चुके हैं काम
4 सितंबर 1948 को जन्मे अनंत नाग (अनंत नागरकट्टे) कन्नड़ सिनेमा के सबसे सम्मानित और दिग्गज अभिनेताओं में से एक हैं। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें 250 से ज्यादा कन्नड़ फिल्में शामिल हैं।
कन्नड़ के अलावा उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी, मलयालम और अंग्रेजी भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का जादू चलाया है। कन्नड़ सुपरस्टार यश की ब्लॉकबस्टर फिल्म KGF के दोनों पार्ट में वह नजर आए थे।
'मालगुडी डेज' से घर-घर में मिली पहचान
फिल्मों के अलावा अनंत नाग को आरके नारायण की कहानियों पर आधारित दूरदर्शन के लोकप्रिय सीरियल 'मालगुडी डेज' से घर-घर में पहचान मिली थी। वे अब तक 5 बार कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं।

2025 में अनंत नाग को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से नवाजा गया था।
2025 में मिला था 'पद्म भूषण' सम्मान
सिनेमा और कला के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार ने साल 2025 में अनंत नाग को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से नवाजा था। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार को भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है, जो भारतीय सिनेमा के विकास और प्रगति में किसी व्यक्ति के विशेष योगदान के लिए दिया जाता है।

नेशनल और दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड के बारे में जानिए ...
1954 में हुई थी नेशनल अवॉर्ड की शुरुआत
साल 1954 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म जगत से जुड़ा सम्मान देने के लिए किया था। इसकी नींव भारतीय कल्चर और आर्ट को बढ़ावा देने के लिए रखी गई थी। 10 अक्टूबर 1954 को नेशनल अवॉर्ड की पहली सेरेमनी रखी गई थी, जिसमें मराठी फिल्म श्यामची आई को बेस्ट फीचर फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड दिया गया था।
1969 में हुई दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड की शुरुआत
साल 1969 में नेशनल अवॉर्ड में हिंदी सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के के सम्मान में नई कैटेगरी दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड को शामिल किया गया था। साल 1969 में देविका रानी, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड जीतने वाली पहली फिल्मी हस्ती रहीं। तब से लेकर आज तक करीब 54 लोग दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं। इसे फिल्म जगत का सबसे गौरवपूर्ण सम्मान कहा जाता है। 2024 में ये अवॉर्ड मिथुन चक्रवर्ती को मिला था। वहीं 2025 में ये अवॉर्ड मोहन लाल को मिला था।
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