हवा सुधारने का दावा फेल: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025-26, ईंट-भट्ठों और ईवी इंफ्रा में पिछड़े, 28 से 30वीं रैंक - Gwalior News

Published on 8 सित॰ 2026

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शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण और एयर क्वालिटी में सुधार के लिए सालभर किए गए सरकारी दावों और कोशिशों का रिपोर्ट कार्ड सोमवार को जारी हुआ। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा ‘राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस 2026’ के अवसर पर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025-26 के परिणाम और रैंकिंग जारी हुई।

10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 प्रमुख शहरों की श्रेणी में ग्वालियर को 157 अंक के साथ 30वीं रैंक मिली है। प्रतियोगिता में पहले नंबर पर लखनऊ, दूसरे पर इंदौर, तीसरे पर जबलपुर और चौथे नंबर पर भोपाल रहा है। टॉप थ्री शहरों को को अवॉर्ड मिलेगा। बता दें कि ग्वालियर की पिछली रैंकिंग 28 थी। इस बार 2 पायदान नीचे खिसक गया है। हालांकि, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के बेस ईयर (2020-21) की तुलना में ग्वालियर के औसत पीएम-10 में 13.97% (136 से घटकर 117) का सुधार दर्ज किया है। फिर भी एक नंबर कम हुआ है।

विभागों द्वारा प्रस्तुत स्व-मूल्यांकन में ग्वालियर को 200 में से 187 अंक दर्शाए गए थे। इनमें 13 नंबर कटे थे। उसमें ही कमियां मिली थी। जब सूची देखी गई तब 157 नंबर ग्वालियर को दिए गए। अभी आकंलन रिपोर्ट अपलोड नहीं हुई है। इससे और कमियां सामने आ सकती है।

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कचरा प्रबंधन : घर-घर कचरा संग्रहण, प्रोसेसिंग, लीगेसी वेस्ट निपटान, प्लास्टिक वेस्ट कलेक्शन पर नंबर अधिक मिले हैं। सड़क की धूल नियंत्रण : रोड शोल्डर पेवमेंट, कच्ची सड़कों का डामरीकरण, ग्रीनबेल्ट और मैकेनिकल स्वीपिंग शामिल हैं। निर्माण अपशिष्ट : मलबा संग्रहण, प्रोसेसिंग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन्स पर काम किया गया। औद्योगिक उत्सर्जन: ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम और उद्योगों को स्वच्छ ईंधन पर शिफ्ट करने का काम हुआ है।

जहां कटे नंबर: इन 5 प्रमुख वजहों से पिछड़ा ग्वालियर ईंट-भट्‌ठे... 0/5 अंक निगम सीमा के 10 किमी दायरे में चल रहे पारंपरिक ईंट-भट्टों को आधुनिक तकनीक पर शिफ्ट नहीं किया गया। ईवी चार्जिंग... 2/5 अंक इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं हो सके। पीयूसी सेंटर... 3/5 अंक: प्रति एक लाख आबादी पर 6 प्रदूषण जांच केंद्र के मानक के मुकाबले शहर में पर्याप्त और सक्रिय सेंटर नहीं मिले। फ्यूल सेंटर जांच... 3/5 अंक 100% पेट्रोल पंपों की जांच के बजाय केवल 60-62% पंपों के निरीक्षण की रिपोर्ट दी गई। पीएम-10 सांद्रता... 4/5 अंक हवा में पीएम-10 स्तर में सुधार हुआ, लेकिन राष्ट्रीय मानकों के तय लक्ष्य तक पूरी तरह नहीं पहुंच सके।

सर्वे और रैंकिंग की टाइमलाइन 21 जुलाई: ग्वालियर को सर्वेक्षण के लिए नोटिफाइड किया गया। 30 जुलाई: विभागों ने डेटा और दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड किए। 15 अगस्त तक: राज्य स्तरीय सेंटर और केंद्रीय टीम द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन व फील्ड असेसमेंट किया गया। 7 सितंबर 2026: स्वच्छ वायु दिवस पर नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा अंतिम परिणाम और रैंकिंग जारी की गई।

जिम्मेदार बोले... लर्निंग है, सुधार जरूर करेंगे ओवर ऑल नंबर क्यों कम हुए है? रिपोर्ट आने पर बताएंगे। ये हमारे लिए लर्निंग है। इसमें हम जरूर सुधार का काम करेंगे। -टी.प्रतीक राव, अपर आयुक्त ननि पीयूसी की संख्या बढ़ाएंगे शहर में 35 प्रदूषण जांच केंद्र है। अब नए पीयूसी खोले जाएंगे। -विक्रम जीत सिंह कंग,आरटीओ शहर में सड़कें बेहाल हैं सड़कें खस्ताहाल हैं। खुले में कचरा जलाया जा रहा है और पुराने वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। -डीवीएस जाटव, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जांच प्रक्रिया बंद हैं रूटीन जांच की प्रक्रिया बन्द हो गयी है। जांच अधिकारी कम हैं। -अरविंद भदौरिया, जिला आपूर्ति नियंत्रक कल देखकर बताता हूं ईंट भट्ठों के मामले में यहां क्या कार्रवाई हुई है। इसे कल देखकर बता पाऊंगा। -पंकज मिश्रा, जिला खनिज अधिकारी