दुर्ग की एंटी साइबर क्राइम यूनिट (एसीसीयू) और वैशाली नगर पुलिस की टीम ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई के ठाणे में दबिश दी। पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा ऐप का पैनल चलाने वाले मुख्य आरोपियों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 लैपटॉप और 31 मोबाइल फोन समेत बैंक खातों की जानकारी, एटीएम कार्ड, सट्टे के लेन-देन का हिसाब और कई जरूरी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपियों के जब्त बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।

दुर्ग पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार।
ठाणे के फ्लैट में चल रहा था ऑनलाइन सट्टा
पुलिस के मुताबिक, एसीसीयू को सूचना मिली थी कि कुछ युवक म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने टीम बनाई और मुंबई के ठाणे में दबिश दी।
पुलिस ने जिस फ्लैट में कार्रवाई की, वहां आरोपी 50 मंजिला बिल्डिंग की 25वीं मंजिल पर किराए से रह रहे थे। इसी फ्लैट से ऑनलाइन सट्टे का पैनल चलाया जा रहा था। जांच में पता चला कि आरोपी रेड्डी अन्ना-162 और फेयरप्ले दर्पण नाम के ऑनलाइन सट्टा ऐप के पैनल चला रहे थे।

ठाणे से आरोपियों को गिरफ्तार कर लाई दुर्ग पुलिस।
20 से 25 हजार रुपए महीने की सैलरी, 24 घंटे फ्लैट में रहते थे
पुलिस जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी विष्णु तिवारी और मेहुल निषाद ऑनलाइन सट्टे के पैनल का संचालन कर रहे थे। दोनों अलग-अलग जगहों से युवकों को पैसों का लालच देकर अपने साथ जोड़ते थे।
पकड़े गए आरोपी किराए के मकान में ही 24 घंटे रहते थे। इसके बदले उन्हें हर महीने करीब 20 से 25 हजार रुपए की सैलरी दी जाती थी।
आरोपियों ने सट्टे से जुड़ी जानकारी एक-दूसरे तक पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया था। इसी ग्रुप के जरिए सट्टे के संचालन और दूसरी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी आपस में साझा की जाती थी।

बिहार के संतोष को बाहर से सामान लाने का काम
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में संतोष राम बिहार का रहने वाला है। उसे फ्लैट में रहने वाले अन्य आरोपियों के लिए बाहर से राशन, सामान और जरूरत की अन्य चीजें लाने के लिए रखा गया था। पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका और सट्टा नेटवर्क से उनके कनेक्शन की जांच कर रही है।
जांच में मिले कई म्यूल अकाउंट
पुलिस ने आरोपियों के पास से मिले बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। जांच में कई म्यूल बैंक अकाउंट मिले हैं। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी रकम के लेन-देन के लिए किए जाने की आशंका है। पुलिस जब्त मोबाइल और लैपटॉप से भी डेटा खंगाल रही है।
प्रारंभिक जांच में बैंक खातों में करोड़ों रुपए का लेन-देन सामने आया है। पुलिस इस रकम के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
ये 10 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में विष्णु तिवारी, मेहुल निषाद, अंकित निषाद, नितेश कुमार, नरेश कन्हाई, दीपक कश्यप, हर्षवर्धन निषाद, संतोष राम, भुवन देवांगन और चेतन ध्रुव को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों के रहने वाले बताए गए हैं।
एएसपी बोले- मोबाइल और बैंक खातों का डेटा खंगाल रहे
दुर्ग एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि वैशाली नगर थाना पुलिस और ACCU की टीम को मुंबई के ठाणे में किराए के मकान से ऑनलाइन सट्टा चलाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने दबिश दी और दो मकानों से मुख्य आरोपी समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक खातों की जानकारी, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस की जांच में जब्त बैंक खातों में अब तक करोड़ों रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप में मिले डेटा की जांच कर रही है। इससे सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।