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सार
Yogi Cabinet Decision:सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 26,315 करोड़ रुपये की विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना और विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली

योगी कैबिनेट की बैठक (सोर्स-फोटो नवभारत)
विस्तार
Yogi Cabinet Decision For Women Empowerment: उत्तर प्रदेश को एक और एक्सप्रेसवे की सौगात मिली है। विंध्य एक्सप्रेसवे उत्तरप्रदेश को बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश व झारखंड की सीमा से सीधे जोड़ेगा। मंत्रिपरिषद ने प्रयागराज से सोनभद्र तक 333 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा।
योगी कैबिनेट में कुल 16 प्रस्तावों पर लगी मुहर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुयी मंत्रिपरिषद की बैठक में विंध्य एक्सप्रेसवे, विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे सहित कुल 16 प्रस्तावों पर मुहर लगायी गयी। मंत्रिपरिषद के फैसलों की जानकारी देते हुए प्रदेश वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे के अंतिम सिरे सोनवार तहसील से शुरू होकर चंदौली के रास्ते सोनभद्र तक जाएगा और इसी कुल लंबाई 333 किलोमीटर होगी।
इसके बनने के बाद प्रयागराज से सोनभद्र तक की दूरी महज तीन घंटे में तय की जा सकेगी। अभी इसमें छह घंटे लगते हैं। इस परियोजना की कुल लागत 26315 करोड़ रूपये अनुमानित है जिसमें 18514 करोड़ रूपये निर्माण पर तो 4613 करोड़ रूपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे। विंध्य एक्सप्रेस वे छह लेन का होगा जिसका 8 लेन तक विस्तार किया जा सकेगा।
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विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर भी बनी सहमति
मंत्रिपरिषद ने विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर भी सहमति दे दी है जो चंदौली-गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को सोनभद्र से जोड़ेगा। इस 6 लेन के एक्सप्रेसवे की कुल लागत 9039 करोड़ रूपये होगी जिसमें से 5628 करोड़ रूपये निर्माण कार्य पर तो 3379 करोड़ रूपये 1731 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के लिए खर्च किए जाएंगे। इसकी लंबाई 117 किलोमीटर होगी जो विन्ध्य एक्सप्रेसवे को गाजीपुर, मिर्जापुर व चंदौली से सीधा जोड़ेगा।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के खरीद हेतु प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के मुताबिक परिवहन निगम कुल 220 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद करेगा। इसमे कुछ 50 सीटर इलेक्ट्रिक बस तो कुछ 42 सीटर बसें होंगी। इलेक्र्टिक बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
सही नीति, सशक्त निर्णय,
आत्मनिर्भर-समृद्ध प्रदेश! मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के समग्र विकास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर जनहितकारी निर्णय लिए गए। pic.twitter.com/9EOkQiWHFQ — CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) July 21, 2026
रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना को मिली मंजूरी
एक अन्य प्रस्ताव में योगी आदित्यनाथ सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के क्रम में रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना को लागू किए जाने को मंजूर किया है। इसके तहत विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में पढ़ रही 2025-26 के शैक्षणिक सत्र के आखिरी वर्ष की छात्राओं में 5 फीसदी को प्रदेश के शिक्षा विभाग की ओर से पेट्रोल चालित स्कूटी मिलेगी।
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स्कूटी प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं के परिजनों की आय सीमा 12 लाख रुपए सालाना होगी। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि योजना से लाभान्वित छात्राओं के बीमा, रजिस्ट्रेशन और हेलमेट पर आने वाला खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। दिव्यांगजन, निराश्रित और शहीदों की बेटियों को स्कूटी दी जाएगी। प्रदेश भर में कुल 50 हजार छात्राएं स्कूटी योजना से लाभान्वित होंगी। राज्य सरकार द्वारा स्कूटी योजना में 400 करोड़ रूपये का व्यय भार वहन किया जाएगा।
500 की क्षमता के महिला छात्रावास निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध
मंत्रिपरिषद ने ‘मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास’ योजना के तहत वाराणसी में 500 की क्षमता के महिला छात्रावास निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराए जाने के सम्बंध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के मुताबिक वाराणसी में 6000 वर्गमीटर जमीन पर महिला छात्रावास बनाया जाएगा। इससे पहले झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास के निर्माण के प्रस्ताव पर सहमति दी जा चुकी है।
मंत्रिपरिषद ने आउटसोर्सिंग सेवा निगम को 20 करोड़ रुपये दिए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। निगम के संचालन के लिए यह राशि शून्य ब्याज दर पर उपलब्ध करायी जाएगी जिसकी 5 वर्ष बाद अदायगी शुरू होगी। निगम प्रदेश सरकार को अगले 10 सालों 2 करोड़ रु वार्षिक हिसाब से भुगतान करेगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 3 अगस्त से बुलाए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद ने मुहर लगा दी है। मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा।
