देवघर में तीन दिन में पहुंचे 3.08 लाख कांवरिए: बाह्य-आंतरिक अर्घा से सुगम हुआ जलाभिषेक, हजारों ने शीघ्र दर्शन का लिया लाभ - Deoghar News

Published on 2 अग॰ 2026

विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 के चौथे दिन बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह होते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। अहले सुबह 4:15 बजे जलार्पण की प्रक्रिया शुरू हुई।

.

देश के विभिन्न राज्यों से लाखों कांवरिये सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर करीब 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा पूरी कर देवघर पहुंच रहे हैं।

बाबा नगरी में दिनभर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

बाबा नगरी में दिनभर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

बाबा नगरी में दिनभर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। भीड़ के बावजूद प्रशासनिक व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को जलार्पण में किसी तरह की बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

बाह्य-आंतरिक अर्घा से सुगम हुआ जलाभिषेक

शनिवार को कुल 1,27,533 श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया। इस तरह तीन दिन में 307699 कांवरियों ने जलार्पण किया। शनिवार को बाह्य अर्घा के माध्यम से 27,354 श्रद्धालुओं, आंतरिक अर्घा से 94,528 श्रद्धालुओं तथा शीघ्र दर्शनम व्यवस्था के तहत 5,651 श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।

प्रशासन द्वारा लागू की गई बाह्य एवं आंतरिक अर्घा व्यवस्था ने श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण को काफी सुगम और व्यवस्थित बना दिया है।

प्रशासन द्वारा लागू की गई बाह्य एवं आंतरिक अर्घा व्यवस्था ने श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण को काफी सुगम और व्यवस्थित बना दिया है।

प्रशासन द्वारा लागू की गई बाह्य एवं आंतरिक अर्घा व्यवस्था ने श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण को काफी सुगम और व्यवस्थित बना दिया है। लंबी कतारों के बावजूद श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ते नजर आए। मंदिर परिसर, शिवगंगा और कांवरिया पथ पर भक्तों का उत्साह चरम पर रहा।

सोमवारी पर ढाई लाख श्रद्धालुओं की संभावना

श्रावण मास में बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पित करने का विशेष धार्मिक महत्व है, जिसके चलते हर दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और यातायात की व्यापक व्यवस्था की है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है और मेडिकल टीमों को भी अलर्ट रखा गया है।

पहली सोमवारी को लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने का अनुमान है।

पहली सोमवारी को लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने का अनुमान है।

पहली सोमवारी को लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने का अनुमान है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि मेला शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।