कल का मौसम: 3 अगस्त को इन 45 जिलों में होगी झमाझम बारिश, IMD का सबसे बड़ा अपडेट

Published on 2 अग॰ 2026

यूपी में तीन अगस्त को मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार 3 अगस्त (सोमवार) को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है. खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. इसके साथ ही दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है.

मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी सिस्टम के दोबारा मजबूत होने से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ेगा. ऐसे में लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन जिन क्षेत्रों में भारी बारिश होगी वहां जलभराव और स्थानीय समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं. आईएमडी के अनुसार 3 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बौछारें पड़ने की बहुत अधिक संभावना है. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर बारिश होने का पूर्वानुमान है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी दोनों उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

किन जिलों में ज्यादा असर दिख सकता है

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आईएमडी ने जिला-वार सूची जारी नहीं की है, लेकिन पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संभागों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है. ऐसे में इन क्षेत्रों के जिलों में बारिश की संभावना अधिक मानी जा रही है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर,  देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर,  चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर , गोंडा, बहराइच,  श्रावस्ती सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. इसी तरह  पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर,  अलीगढ़, मथुरा, आगरा, हाथरस, एटा, कासगंज, फिरोजाबाद, बदायूं,  बरेली,  रामपुर,  मुरादाबाद,  बिजनौर सहित आसपास के इलाके शामिल हैं. इन क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है.

आखिर क्यों बढ़ रही है बारिश

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर होने के बावजूद मानसूनी ट्रफ धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रही है. इसके कारण गंगा के मैदानी इलाकों में मानसूनी हवाएं मजबूत होंगी और पूरे सप्ताह प्रदेश में वर्षा गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 4 अगस्त को लगभग पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है.

अगस्त महीने को लेकर क्या कहता है IMD

मौसम विभाग का कहना है कि अगस्त के दौरान पूर्वी और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पूरे महीने का औसत वर्षापात सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है. साथ ही अगस्त में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने के संकेत भी दिए गए हैं. वैसे 1 जून से 1 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है.

लोगों के लिए सलाह

- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.

बिजली चमकने पर खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों.

जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन सावधानी से चलाएं.

किसान मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करें.

मौसम की ताजा जानकारी के लिए IMD की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें.

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