बोकारो-धनबाद सहित 5 विस क्षेत्र में कट सकते हैं 25% वोटरों के नाम - Bokaro News

Published on 14 जुल॰ 2026

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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में झारखंड के पांच शहरी विधानसभा क्षेत्रों की तस्वीर सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली है। इन्यूमरेशन फॉर्म के वितरण और उसे भरकर जमा कराने की मौजूदा रफ्तार बताती है कि रांची, हटिया, झरिया, बोकारो और धनबाद विधानसभा क्षेत्रों में करीब 25% तक मतदाताओं के नाम वोटर सूची से कटने की आशंका बन सकती है। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता बीएलओ को नहीं मिल रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह मतदाताओं की मृत्यु, स्थायी पलायन, पता बदल जाना या एक से अधिक जगह नाम दर्ज होना है। कई अनमैप्ड वोटर भी सामने आए हैं।

राज्य में एसआईआर 30 जून से चल रहा है और 29 जुलाई को पूरा होना है। इस बीच राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम और सदस्य वारिश कुरैशी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मिलकर एसआईआर अभियान की अवधि 29 जुलाई से बढ़ाकर 15 अगस्त तक करने की मांग की। उनका कहना है कि मौजूदा रफ्तार से तय समय सीमा में अभियान पूरा होना मुश्किल दिख रहा है। हालांकि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर को ही होगा। रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री और बोकारो के डीसी अजय नाथ झा ने दैनिक भास्कर से कहा कि कोई भी पात्र मतदाता नहीं छूटेगा।

6 विधानसभा क्षेत्रों की रिपोर्ट 100 प्रतिशत: चतरा, मझगांव, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, गुमला और लोहरदगा विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ 100% मतदाताओं तक इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचा चुके हैं।

5 क्षेत्रों में स्थिति खराब क्यों...

रांची, हटिया, झरिया, बोकारो और धनबाद जैसे शहरी क्षेत्रों में दूसरे जिलों और राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आकर रहते हैं। छह महीने से अधिक समय तक रहने पर वे यहां मतदाता बनते हैं और वोट भी करते हैं। बाद में नौकरी, स्थानांतरण या सेवानिवृत्ति के कारण दूसरे शहर चले जाते हैं, पर मतदाता सूची से नाम नहीं हटवाते। हजारों ऐसे मतदाता हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जबकि कई लोगों का पता बदल चुका है या उनका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है। यही कारण है कि इन क्षेत्रों में अनमैप्ड मतदाताओं की संख्या अधिक मिल रही है।

अनमैप्ड होने पर मिलेगा नोटिस

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि ‘अनमैप्ड’ होने के आधार पर वोटर का नाम नहीं हटाया जाएगा। यदि मैपिंग के दौरान मतदाता नहीं मिलता है तो संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) पहले नोटिस जारी करेंगे। मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर देंगे। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।

फॉर्म भरना क्यों जरूरी: BLO इन्यूमरेशन फॉर्म दे रहे हैं, उसमें वोटर का नाम, पता और एपिक नंबर है। यदि मतदाता फॉर्म भरकर हस्ताक्षर नहीं करता, तो उसे ‘नॉन-रेसिडेंट’ श्रेणी में रखा जा सकता है। आयोग ने जल्द फॉर्म भरकर BLO को देने को कहा है।

संत कुलदीप स्कूल में अपना फॉर्म ढूंढ़ते वोटर।

वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है

झारखंड (81 सीटें) में कुल 2,64,63,236 मतदाता है। 89.99% गणना प्रपत्र का वितरण हुआ, 30.26% जमा हो चुका है

इन 5 विस क्षेत्रों में सबसे धीमी प्रगति

विस वोटर फॉर्म बटें जमा

रांची 3,94,773 55.10% 14.39%

हटिया 5,49,975 62.24% 20.39%

झरिया 3,04,805 66.60% 16.73%

बोकारो 5,97,439 67.70% 29.28%

धनबाद 4,76,297 71.72% 12.19%