आगरा में 5 करोड़ की नकली दवाओं का बड़ा खुलासा: धनौली के खंडहर कमरे में चल रही थी पैकिंग, एफएसडीए और पुलिस की कार्रवाई में तीन गिरफ्तार - Up18 News

Published on 30 सित॰ 2026

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जनपद के मलपुरा थाना क्षेत्र के धनौली इलाके में नकली और संदिग्ध दवाओं के अवैध कारोबार का एक बहुत बड़ा मामला सामने आया है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FSDA) की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर ‘तीन छतरी’ के पास रिहायशी क्षेत्र में बने एक खंडहर कमरे पर धावा बोला और लगभग पांच करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत की संदिग्ध नकली दवाएं बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान मौके पर दवाओं की पैकिंग कर रहा एक युवक भी पकड़ा गया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया है। अब प्रशासनिक और जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि दवाओं का यह जखीरा कहां से आया था और इसका पूरा सप्लाई नेटवर्क कहां-कहां तक फैला हुआ है।

12 घंटे तक रखी गई नजर, फिर की गई घेराबंदी

ड्रग विभाग को धनौली के इस ठिकाने पर अवैध रूप से दवाओं के भंडारण और उनकी री-पैकिंग किए जाने की पुख्ता सूचना मिली थी। पुख्ता पड़ताल के लिए विभागीय टीम ने जल्दबाजी करने के बजाय संदिग्ध स्थान की लगभग 12 घंटे तक कड़ी निगरानी की। सोमवार रात से ही अधिकारी क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे टीम को खंडहर कमरे के पास दो संदिग्ध युवक बैठे दिखाई दिए, जिनमें से एक कुछ देर बाद अंदर चला गया। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर टीम ने तुरंत स्थानीय पुलिस को साथ लिया और कमरे की चतरफा घेराबंदी कर दी। तलाशी के दौरान अंदर एक युवक अवैध रूप से दवाओं की पैकिंग करते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।

कमरे से मिलीं नामी कंपनियों की दवाओं की पेटियां

तलाशी के दौरान उस खंडहर कमरे से केटोरॉल (Ketorol), कार्डेस (Cardace), एलेग्रा (Allegra), एलेग्रा-एम (Allegra-M), लोसर-एच (Losar-H) और जुलरा (Zulra) जैसी कई प्रतिष्ठित और बहुपयोगी दवाओं की दर्जनों पेटियां बरामद हुईं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, बरामद की गई इन दवाओं का कुल बाजार मूल्य करीब पांच करोड़ रुपये आंका गया है। टीम ने मौके से सभी दवाओं को अपने कब्जे में लेकर उनके नमूने (सैंपल्स) और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

फिरोजाबाद और हाथरस की टीमें भी हुईं शामिल

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी त्वरित सूचना लखनऊ स्थित मुख्यालय को दी गई। निर्देश मिलते ही फिरोजाबाद और हाथरस से भी ड्रग विभाग की विशेष टीमें आगरा मौके पर पहुंच गईं। तीनों जनपदों की संयुक्त टीमों ने मिलकर कमरे की गहन छानबीन की और मौके पर मौजूद पैकिंग मैटेरियल, खाली गत्ते, रैपर और अन्य दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया। अधिकारी यह खंगालने का प्रयास कर रहे हैं कि इस ठिकाने पर केवल दवाओं का अवैध भंडारण हो रहा था या फिर यहां बड़े पैमाने पर नकली दवाओं को पैक कर के बाजार में खपाने का गोरखधंधा चल रहा था।

तीन आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की तलाश जारी

ड्रग इंस्पेक्टर अरविंद गुप्ता ने जानकारी दी कि इस मामले में पुलिस ने कुल तीन लोगों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज की है और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीमें आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह पता चल सके कि कच्चा माल और दवाएं कहां से लाई जा रही थीं और इन्हें किन-किन मेडिकल स्टोरों या सप्लायरों तक पहुंचाया जाना था।

​फिलहाल, बरामद दवाओं के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है और जांच रिपोर्ट आने के बाद इस अवैध सिंडिकेट से जुड़े अन्य चेहरों के बेनकाब होने की पूरी उम्मीद है। प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से दवा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।