5 वर्ष में 404 बिजली सब-स्टेशन बनेंगे, 1265 मेगावाट बैटरी स्टोरेज क्षमता होगी - Chandigarh News

Published on 8 सित॰ 2026

हरियाणा में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए इंतजाम शुरू कर दिए हैं। अभी प्रदेश में करीब 84 लाख उपभोक्ता हैं। 5 साल में उपभोक्ताओं की संख्या भी साढ़े तीन लाख प्रति वर्ष के हिसाब से बढ़ेगी, इससे खपत में भी बढ़ोतरी होगी। सरकार ने वर्ष 2030 तक बिजली वितरण

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ऊर्जा विभाग के अनुसार अगले 5 वर्षों में राज्य में 404 नए बिजली सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जबकि ट्रांसफॉर्मर क्षमता में भी लगातार वृद्धि की जाएगी। सरकार का लक्ष्य एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल लॉस (तकनीकी नुकसान) को मौजूदा 9.48% से घटाकर 2030-31 तक 7% पर लाना है। बिजली मंत्री अनिल विज पहले ही कह चुके हैं कि प्रदेश में बिजली की कमी नहीं रहने दी जाएगी। अबकी बार प्रदेश में बिजली की डिमांड 31 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई थी।

हर साल ऐसे बनेंगे सब-स्टेशन

वित्त वर्ष बिजली वितरण बिजली

कंपनियां प्रसारण कंपनी

2026-27 70 8

2027-28 63 9

2028-29 72 9

2029-30 80 7

2030-31 79 7

कुल 364 40

कंपनियों का ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

कंपनी वर्तमान क्षमता 2030-31 तक लक्ष्य

बिजली वितरण कंपनियां 34,963 एमवीए 46,348.6 एमवीए

बिजली प्रसारण कंपनी 67,131 एमवीए 82,005 एमवीए

इस बार 31 करोड़ तक पहुंच गई थी बिजली की खपत

इस बार गर्मी के दौरान रिकॉर्ड बिजली की खपत हो चुकी है। यह 31 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई थी। जब भी गर्मी या उमस का प्रकोप बढ़ता है, प्रदेश में बिजली की मांग बढ़ जाती है। आज तक इतनी बिजली कभी खपत नहीं हुई, जितनी इस साल हुई है। इसका बड़ा कारण मानसून कमजोर होना और गर्मी का तेजी से बढ़ना रहा है।

लाइन लॉस भी कम किया जाएगा

लॉस कम करने के लिए तकनीकी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत पर्याप्त लोडिंग के अनुरूप बिजली अवसंरचना का उन्नयन, स्मार्ट मीटरिंग, बिलिंग दक्षता में सुधार, बिजली चोरी रोकने के उपाय तथा एससीएडीए सिस्टम का विस्तार किया जाएगा। स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी, बिजली बिलिंग होगी पूरी तरह डिजिटल राज्य में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।

योजना के तहत स्मार्ट मीटरिंग परियोजना रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत लागू की जाएगी। राज्य सरकार से कार्यान्वयन योजना को मंजूरी मिल चुकी है। अब केंद्र सरकार से भी परियोजना स्वीकृति मिल गई है। स्मार्ट मीटर लगने से सटीक बिलिंग, बिजली खपत की ऑनलाइन निगरानी, प्रीपेड बिलिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी।