राम मंदिर ट्रस्ट बैठक: धार्मिक कार्यों की जिम्मेदारी 5 संतों को सौंपने का फैसला, सीईओ नियुक्ति प्रक्रिया एक महीने के लिए बढ़ी

Published on 22 जुल॰ 2026

देश

  • Edited by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jul 22, 2026, 08:16 PM IST

प्रेस कांफ्रेंस में गोविंद गुरू ने कहा, आज हम लोगों ने धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया है। हम मंदिर का सारा धर्म कार्य का भार दायित्व अयोध्या के संतों को सौंप रहे हैं।

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राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक

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Ayodhya Ram Mandir Trust: राम मंदिर दान चोरी विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी बैठक समाप्त हो गई है। कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने कहा कि राम मंदिर के धार्मिक मामलों की देखरेख के लिए ट्रस्ट द्वारा गठित समिति में अयोध्या के 5 संत और 4 बाहरी सदस्य शामिल हैं। वहीं, ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि एसआईटी रिपोर्ट प्राप्त न होने के कारण सीईओ की नियुक्ति पर कोई चर्चा नहीं हुई।

सीईओ के चयन की अवधि एक महीने के लिए बढ़ी

राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा है कि कई आवेदन प्राप्त होने के कारण सीईओ के चयन की अवधि एक महीने के लिए बढ़ा दी गई है। वहीं, आज अयोध्या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने कहा है कि मंदिर के धर्म कार्य का भार और दायित्व अयोध्या के संतों को सौंपा जा रहा, अयोध्या से पांच नाम शामिल हैं। प्रेस कांफ्रेंस में गोविंद गुरू ने कहा, आज हम लोगों ने धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया है। हम मंदिर का सारा धर्म कार्य का भार दायित्व अयोध्या के संतों को सौंप रहे हैं। इसको आप ध्यान में लीजिएगा।

समिति में अयोध्या से पांच नाम

उन्होंने कहा, यह धार्मिक समिति जो बनी है उसमें अयोध्या से पांच नाम हैं। पहला पूज्य महंत श्री कमल नयन दास जी महाराज, मणिराम छावनी से। स्वामी श्री रामानंद दास जी महाराज, रामकथा कुंज। स्वामी श्री राजकुमार दास जी महाराज, रमा वल्लभा कुंज। स्वामी श्री मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज और हमारे स्वामी श्री दीनेंद्र दास जी महाराज निर्मोही अखाड़े के ये न्यास में भी है और अयोध्या के हैं

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के द्वारा धर्म समिति का निर्माण सराहनीय क़दम है अब इन पूज्य संतों के संचालन में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के धर्म कार्य सम्पादित होंगे।

1- श्रीकमलनयनदास जी महाराज[ श्रीमणिरामदास छावनी]

2- श्रीराजकुमार दास जी महाराज [श्रीरामवल्लभा कुंज]

3- महंत दिनेन्द्र दास जी महराज [निर्मोही अखाड़ा ]

4- श्रीरामानंद दास जी महाराज [रामकथा कुंज ]

5-श्रीमिथिलेश नन्दिनी शरण जी महराज [श्रीहनुमन्निवास]

इसलिए ये अयोध्या के पांच संत इसके पश्चात यहां की सारी धार्मिक क्रियाकलापों के अधिकारी होंगे इस बात को ध्यान में लीजिए। इस समिति के अंतर्गत नियमानुसार ट्रस्ट की ओर से न्यास की ओर से पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य श्री वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज हैं। युगपुरुष पूज्य श्री परमानंद स्वामी जी महाराज हैं।

Amit Mandal

अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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