निशुल्क चिकित्सा शिविर में 575 मरीजों का इलाज, दवाइयां भी बांटी - Bastar News

Published on 8 सित॰ 2026

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ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार को जनसेवा अभेद आश्रम चिटकवाइन में एक दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। बाबा भगवान राम ट्रस्ट एवं अघोर परिषद ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। दिनभर चले शिविर में कुल 575 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के बाद चिकित्सकों की सलाह के अनुसार मरीजों को ट्रस्ट की ओर से निःशुल्क एलोपैथिक एवं होम्योपैथिक दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।

शिविर का आयोजन ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्यपाद गुरुपद संभव राम जी के निर्देशन में किया गया। सुबह करीब 10:30 बजे परम पूज्य अघोरेश्वर भगवान राम जी के तैलचित्र पर पूजन-अर्चना और आरती के बाद शिविर का शुभारंभ हुआ। इसके बाद चिकित्सकों ने मरीजों की जांच शुरू की, जो देर शाम तक जारी रही। शिविर में स्वास्थ्य जांच के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

समय व पैसे की हुई बचत ग्रामीणों ने बताया कि सामान्य स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श के लिए कई बार दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के शिविरों से समय और आने-जाने के खर्च की बचत होने के साथ जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सकीय सलाह भी मिलती है। शिविर में मरीजों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। एलोपैथिक और होम्योपैथिक दोनों प्रकार की दवाइयों की व्यवस्था की गई थी। दवा वितरण व्यवस्था में संजय महापात्र, रतनदीप दास, मोहन गोप, गौरीषडंगी, अवधूत गुप्ता और जीतेन्द्र सिंह ने सहयोग किया।

इनका रहा योगदान शिविर के सफल संचालन में आश्रम और ट्रस्ट से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। नारायणपुर आश्रम से गणेश यादव, लव प्रसाद चौहान, पप्पू, उदित चौहान, गगन यादव, संजय कुशवाहा, ओंकारनाथ यादव, अनिल कुमार बागे, शंकर यादव, रामेश्वर बन्दे, आनंद चौहान, संजीत नायक और कन्दर्पो यादव सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाएं संभालीं। इसके अलावा बगीचा, गम्हरिया आश्रम और श्री सर्वेश्वरी समूह गुमला से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी शिविर के संचालन में सहयोग दिया। शिविर में 575 मरीजों की जांच कर उन्हें परामर्श और निःशुल्क दवाइयां दी।