
बच्चे ने खोल दी पिता की पोल.
Andhra Pradesh News: अक्सर कहा जाता है कि बच्चे मन के सच्चे होते हैं और उनके सामने कोई भी सच छुप नहीं सकता. आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले से एक ऐसा ही दिलचस्प और दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है. यहां अनंतसागरम गांव में जब पुलिस चेकिंग अभियान चला रही थी, तो एक शख्स ने पुलिस के डर से अपनी बाइक छुपा दी. लेकिन उसके 6 साल के मासूम बेटे ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए पुलिस वालों के पास जाकर पिता की पूरी पोल खोल दी.
जानकारी के मुताबिक, नेल्लोर जिले के अनंतसागरम में पुलिस की एक टीम नियमित सुरक्षा जांच के तहत गांव में सर्च ऑपरेशन चला रही थी. पुलिस हर घर की तलाशी लेने के साथ ही गांव में मौजूद वाहनों के दस्तावेजों की भी जांच कर रही थी.
इसी दौरान गांव का रहने वाला सुरेश नाम का व्यक्ति पुलिस की गाड़ियों और चेकिंग को देखकर घबरा गया. उसके पास बाइक के कागजात उस समय तुरंत उपलब्ध नहीं थे या फिर वह चेकिंग से बचना चाहता था. इस डर से सुरेश अपनी बाइक को चुपके से घर से दूर दूसरी गली में ले गया और वहां छिपा दिया.
मासूम महेंद्र ने पेश की ईमानदारी की मिसाल
सुरेश का 6 वर्षीय बेटा महेंद्र शुरू से ही पुलिस की कार्रवाई को बड़े ध्यान से देख रहा था. जब उसने देखा कि उसके पिता ने पुलिस को देखते ही गाड़ी कहीं और छिपा दी है, तो उसने इसे गलत समझा. 6 साल का महेंद्र बिना किसी डर के सीधे घेराबंदी कर रहे पुलिसकर्मियों के पास पहुंच गया. बच्चे ने अधिकारियों से कहा, “मेरे पापा ने पुलिस को देखकर गाड़ी उस गली में छुपा दी है, आप मेरे साथ चलिए.” बच्चा पुलिस टीम को खुद उस जगह तक ले गया जहां उसके पिता ने बाइक खड़ी की थी. मासूम की यह हिम्मत और ईमानदारी देखकर पुलिसकर्मी दंग रह गए.
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जांच में सही मिले कागजात, बच्चे को मिला ‘शाबाश महेंद्र’ का तमगा
जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बाइक की जांच की और पिता सुरेश से पूछताछ की, तो सुरेश के पास वाहन के सभी वैध दस्तावेज सही पाए गए. सुरेश ने महज घबराहट में आकर गाड़ी छिपाई थी. आमतौर पर परिवार के लोग एक-दूसरे की गलतियों को छुपाने के लिए झूठ का सहारा लेते हैं, लेकिन 6 साल के महेंद्र ने साबित कर दिया कि उसके लिए सच और ईमानदारी सबसे ऊपर है. अब पूरा गांव और पुलिस प्रशासन इस नन्हे बालक की बहादुरी और सच्चाई की तारीफ कर रहे हैं और उसे प्यार से ‘शाबाश महेंद्र’ कहकर बुला रहे हैं.

तन्वी गुप्ता
तन्वी गुप्ता मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला की रहने वाली हैं. स्कूल-कॉलेज धर्मशाला से करने के बाद शिमला में हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से MMC की पढ़ाई की. मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. चंडीगढ़, हैदराबाद में नौकरी करने के बाद फिलहाल दिल्ली में जॉब कर रही हैं. प्रिंट, टेलीविजन के बाद 2017 से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रही हैं. इससे पहले आजतक, न्यूज18, द ट्रिब्यून, ईटीवी भारत और इंडिया न्यूज सहित कुछ अन्य मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं. क्राइम, इतिहास और साइंस एक्सपेरिमेंट्स की खबरों में खास रूचि है. फिलहाल टीवी9 डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर काम संभाल रही हैं. नौकरी के अलावा खेल-कूद और घूमने फिरने में भी काफी दिलचस्पी है. नेशनल लेवल पर वॉलीबॉल और बैडमिंटन खेल चुकी हैं. साथ ही खो-खो खेल में भी स्टेट लेवल तक खेल चुकी हैं. इसके अलावा एनसीसी 'C' सर्टिफिकेट प्राप्त है. गाना सुनना तो पसंद है ही. लेकिन सिंगिंग का भी शौक रखती हैं. स्कूल और कॉलेज लेवल पर सिंगिंग में भी काफी पुरस्कार मिल चुके हैं.
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