दीयाकुमारी बोलीं- शेखावाटी, भरतपुर, पुष्कर भी बने वेडिंग डेस्टिनेशन: 600 विदेशी प्रतिनिधियों ने जयपुर में की वेडिंग टूरिज्म पर चर्चा - Jaipur News

Published on 19 जुल॰ 2026

डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा- जयपुर, जोधपुर और उदयपुर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए पहले से ही विश्व प्रसिद्ध हैं। लेकिन राजस्थान की ब्रांड पहचान को और विस्तार देने के लिए अन्य पर्यटन स्थलों को भी इस मानचित्र पर लाना आवश्यक है।

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शेखावाटी की हवेलियां, जैसलमेर का रेगिस्तान, बांसवाड़ा-डूंगरपुर की प्राकृतिक सुंदरता, भरतपुर का वन्यजीव और पुष्कर की धार्मिक आभा - ये सभी स्थल वेडिंग टूरिज्म के लिए बेहतरीन विकल्प बन सकते हैं।

इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव (आईडब्ल्यूटीसी) सीजन-3 का रविवार को दिल्ली रोड स्थित फेयरमोंट होटल में शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय कॉन्क्लेव में भारत और विदेशों से आए 600 से अधिक प्रतिनिधि पर्यटन, वेडिंग, हॉस्पिटैलिटी और इवेंट उद्योग के भविष्य, वैश्विक साझेदारी, डेस्टिनेशन वेडिंग्स और नए व्यावसायिक अवसरों पर मंथन कर रहे हैं।

कॉन्क्लेव का उद्घाटन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दीया कुमारी और आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कुंडला दुर्गेश ने किया।

कॉन्क्लेव का उद्घाटन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दीया कुमारी और आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कुंडला दुर्गेश ने किया।

कॉन्क्लेव का उद्घाटन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दीया कुमारी और आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कुंडला दुर्गेश ने किया।

ऑफ-सीजन में भी बढ़ें वेडिंग और पर्यटन गतिविधियां

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा- राजस्थान में पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग्स की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन वर्तमान में अधिकांश आयोजन केवल नवंबर से अप्रैल के बीच ही केंद्रित रहते हैं। इसी दौरान पर्यटन सीजन भी चरम पर होने से होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बनता है।

अप्रैल से अक्टूबर के बीच भी अधिक से अधिक डेस्टिनेशन वेडिंग्स, कॉर्पोरेट इवेंट्स और पर्यटन आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इससे ऑफ-सीजन में भी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहेगी, होटल उद्योग को निरंतर व्यवसाय मिलेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

जयपुर-उदयपुर से आगे भी है पर्यटन का विशाल संसार

दीया कुमारी ने कहा- राजस्थान केवल जयपुर, उदयपुर और जोधपुर तक सीमित नहीं है। राज्य के कई कम चर्चित लेकिन बेहद आकर्षक पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है।

उन्होंने बीकानेर, जैसलमेर, पुष्कर, शेखावाटी, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, भरतपुर, सवाई माधोपुर, कुंभलगढ़, राजसमंद, बूंदी और कोटा जैसे पर्यटन स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों को भी वेडिंग और पर्यटन सर्किट से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे पर्यटन का लाभ पूरे प्रदेश में समान रूप से पहुंचेगा।

इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव (आईडब्ल्यूटीसी) सीजन-3 का रविवार को दिल्ली रोड स्थित फेयरमोंट होटल में शुभारंभ हुआ।

इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव (आईडब्ल्यूटीसी) सीजन-3 का रविवार को दिल्ली रोड स्थित फेयरमोंट होटल में शुभारंभ हुआ।

पर्यटन राज्यों के बीच सहयोग का माध्यम बन रहा कॉन्क्लेव

आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कुंडला दुर्गेश ने कहा- हमारा राज्य आईडब्ल्यूटीसी का आधिकारिक भागीदार बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश अपने समुद्री तटों, आध्यात्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक वेडिंग एवं पर्यटन उद्योग से जोड़ना चाहता है। ऐसे आयोजन राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने के साथ पर्यटन विकास के नए अवसर भी तैयार करते हैं।

कॉन्क्लेव में उद्योग विशेषज्ञ ऋतुराज खन्ना ने कहा- वेडिंग इंडस्ट्री अब केवल भव्य आयोजनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह लाखों लोगों को रोजगार देने वाला और नए व्यावसायिक अवसर पैदा करने वाला बड़ा आर्थिक क्षेत्र बन चुकी है।

आधुनिक तकनीक, प्रोफेशनल मैनेजमेंट और वैश्विक नेटवर्किंग ने इस उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि आईडब्ल्यूटीसी जैसे मंच होटल, इवेंट कंपनियों, डेस्टिनेशन, डिजाइनर्स, फोटोग्राफर्स और अन्य सेवा प्रदाताओं को एक-दूसरे से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

भारतीय वेडिंग मार्केट पर दुनिया की नजर कॉन्क्लेव में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सत्र 'ग्लोबल वेडिंग चैलेंजेज' में फ्रांस, वियतनाम और भारत के विशेषज्ञों ने डेस्टिनेशन वेडिंग्स की वैश्विक चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की।

वहीं, पर्यटन विशेषज्ञ सुनीत आर्या ने बताया कि अमेरिका में भारतीय मूल के करीब 52 लाख लोग रहते हैं और वहां हर वर्ष हजारों भारतीय शादियां आयोजित होती हैं। भारतीय समुदाय की बढ़ती आर्थिक क्षमता और डेस्टिनेशन वेडिंग्स की बढ़ती लोकप्रियता के कारण अमेरिका भारतीय वेडिंग उद्योग के लिए तेजी से उभरता हुआ बाजार बन रहा है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर भारतीय वेडिंग इंडस्ट्री का आकार 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपए) से अधिक का हो चुका है।

इस अवसर पर फेयरमोंट होटल के जनरल मैनेजर रजत सेठी, डॉ. अजय जैन, आईडब्ल्यूटीसी के डायरेक्टर अरशद हुसैन, फोरम के अध्यक्ष हितेश शर्मा, उपाध्यक्ष अजय चौहान, सचिव भुवनेश अग्रवाल और पूर्व अध्यक्ष मोहित माहेश्वरी सहित देश-विदेश के पर्यटन और वेडिंग उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे।