72% गिर गया चर्चित सरकारी बैंक का मुनाफा, इस एक विवाद से बढ़ गया खर्च

Published on 24 जुल॰ 2026

Jul 24, 2026 07:59 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • इस तिमाही के दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर (YoY) लगभग 72% गिर गया है
  • तिमाही के दौरान प्रॉफिट में आई यह बड़ी गिरावट एक कानूनी विवाद के सेटलमेंट की वजह से आई है
RBI Action On Bank

Bank news

Bank of Baroda share: पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही के दौरान बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर (YoY) लगभग 72% गिर गया है। इस गिरावट की वजह से प्रॉफिट ₹1278.39 करोड़ पर रह गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक का प्रॉफिट ₹4541.36 करोड़ था। तिमाही के लिए बैंक की कुल आय सालाना आधार पर 2.6% बढ़कर ₹36,681.09 करोड़ हो गई। प्रोविजन और आकस्मिक खर्चों से पहले ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 1.3% घटकर ₹8,127.25 करोड़ रह गया। इस खबर के बीच 24 जुलाई को BSE पर बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर की कीमत 1.48% बढ़कर ₹246.60 पर बंद हुई।

प्रॉफिट में गिरावट की वजह

जून तिमाही के दौरान प्रॉफिट में आई यह बड़ी गिरावट एक कानूनी विवाद के सेटलमेंट की वजह से आई है। दरअसल, बैंक ने NMC ग्रुप के साथ कानूनी विवाद को सुलझाने के लिए ₹5680.23 करोड़ के एकमुश्त भुगतान किया। बैंक ऑफ बड़ौदा ने UAE-बेस्ड हेल्थकेयर प्रोवाइडर NMC हेल्थ के डूबने से जुड़े कई सालों से चल रहे कानूनी विवाद को सुलझाने के लिए कोर्ट के बाहर समझौते (आउट-ऑफ-कोर्ट सेटलमेंट) में $600 मिलियन का भुगतान करने पर सहमति जताई थी।

ग्लोबल डिपॉजिट में इजाफा

बैंक की ग्लोबल डिपॉजिट सालाना आधार पर 13.8% बढ़कर ₹16,33,559 करोड़ हो गई, जिसमें से घरेलू डिपॉजिट ₹13,81,535 करोड़ रही, जो तिमाही के लिए सालाना आधार पर 14.7% की वृद्धि है। इसके अलाव, घरेलू ग्रॉस एडवांसेस में सालाना आधार पर 16.1% की अच्छी वृद्धि देखी गई और यह ₹11,50,906 करोड़ हो गया।

इस तिमाही में ग्लोबल एडवांसेज (कर्ज) सालाना आधार पर 17.4% बढ़कर ₹14,16,898 करोड़ हो गए। नेट इंटरेस्ट इनकम की बात करें तो सालाना आधार पर 9.5% बढ़कर ₹12,524 करोड़ हो गई जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सालाना आधार पर 2.91% से घटकर 2.77% हो गया। वहीं, ग्रॉस NPA रेश्यो सालाना आधार पर 29 बीपीएस घटकर 1.99% हो गया जबकि नेट NPA में भी गिरावट आई है।

फंड जुटाने की बढ़ेगी लिमिट

इस बीच, बैंक ऑफ बड़ौदा ने घोषणा की कि उसके बोर्ड ने विदेशी कामकाज के लिए फंड जुटाने की सीमा बढ़ाने पर विचार किया है। बता दें कि अलग-अलग लोन सुविधाओं के जरिए उधार लेने की सीमा 5 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 10 बिलियन डॉलर कर दी गई है। बोर्ड ने मीडियम टर्म नोट (MTN) प्रोग्राम को 4 बिलियन डॉलर पर बनाए रखने के प्रस्ताव पर विचार किया, जिसमें विदेशी कामकाज (IFSCBU सहित) के लिए ग्रीन और ESG बॉन्ड जारी करने के लिए 1 बिलियन डॉलर की नई सब-लिमिट शामिल है।