नासिक के बांधों में जलस्तर 72% पार, गंगापुर समूह के डैम 92.86 प्रतिशत भरे, 1.76 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया| Navbharat Live

Published on 24 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 24, 2026 | 04:05 PM IST

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सार

Nashik Dam Water Level: नासिक जिले में लगातार हो रही बारिश से 26 में से कई बांध छलक उठे हैं। कुल जलसंग्रह 72.40% तक पहुंच गया है, जिससे पीने के पानी का संकट तो टला है, पर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

Nashik Dam Water Level rises Gangapur Dam discharge alert

नासिक काे जलापूर्ति करने वाला गंगापुर बांध (सोर्स: सोशल मीडिया)

विस्तार

Nashik Gangapur Dam Water Level: महाराष्ट्र के नासिक जिले में बीते कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जहां एक तरफ लोगों को झुलसाने वाली गर्मी और संभावित जल संकट से बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ नदियों के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा कर दिया है। जिले के प्रमुख बांधों में जलसंग्रह की स्थिति बेहद तेज गति से सुधर रही है। शुक्रवार, 24 जुलाई तक नासिक जिले के कुल 26 प्रमुख बांधों में 72.40 प्रतिशत उपयोगी पानी का भंडार जमा हो चुका है।

नदियों में छोड़ा गया 1.76 लाख क्यूसेक पानी

जल संसाधन विभाग से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नासिक जिले के बांधों में 51 हजार 131 मिलियन क्यूबिक फीट (MCFT) उपयोगी पानी संग्रहित है, जबकि बांधों से कुल 1 लाख 76 हजार 569 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

शहर की प्यास बुझाने वाले गंगापुर समूह में 92% से अधिक पानी

नासिक शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाले गंगापुर समूह के चारों बांधों में 92.86 प्रतिशत जलसंग्रह दर्ज किया गया है। गंगापुर बांध 98.26 प्रतिशत, कश्यपी 76.73 प्रतिशत, गौतमी-गोदावरी 95.34 प्रतिशत तथा आलंदी बांध 86.52 प्रतिशत भर चुका है। इस समूह से 16 हजार 932 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

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अन्य बांधों का हाल: भावली और वालदेवी 100% फुल

वहीं पालखेड समूह में 64.03 प्रतिशत, दारणा समूह में 74.45 प्रतिशत, गिरणा खोरे समूह में 63.83 प्रतिशत तथा पुना समूह में 56.13 प्रतिशत उपयोगी जलसंग्रह दर्ज किया गया है। दारणा बांध 89.23 प्रतिशत, भावली 100 प्रतिशत, वालदेवी 100 प्रतिशत तथा भाम बांध 100 प्रतिशत भर चुके हैं और इन बांधों से भी बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा जा रहा है।

नासिक जिले के सात बड़े और 19 मध्यम, कुल 26 बांधों में जलसंग्रह में हुई वृद्धि को देखते हुए इस वर्ष पेयजल संकट की चिंता काफी हद तक कम हो गई है। हालांकि, आगे होने वाली बारिश पर ही बांधों में जलसंग्रह और पानी के विसर्ग की स्थिति निर्भर करेगी।

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पानी तो बढ़ा पर टैंकर मुक्‍त नहीं हुआ नासिक

विशेष बात यह है कि अधिकांश बांधों का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन नागासाक्या और माणिकपुंज बांधों में अभी भी शून्य प्रतिशत जलसंग्रह दर्ज किया गया है। नासिक जिले में समान रूप से वर्षा नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में आज भी टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।

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