मार्केट क्रैश: 800 अंक से ज्यादा लुढ़क गया सेंसेक्स, 4 लाख करोड़ डूबने के 4 कारण

Published on 24 जुल॰ 2026

Jul 24, 2026 10:43 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

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मुख्य बातें

  • Stock Market Crsah Today: आज सेंसेक्स करीब 800 अंक से अधिक यानी 1% टूटकर 75,535 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया
  • वहीं निफ्टी 50 ने 250 अंक यानी 1% गिरकर 23,619 का दिन का निचला स्तर छुआ
Stock Market Crash today

सेंसेक्स में 800 अंक से अधिक की गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार सुबह भारी बिकवाली देखी गई। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 लगभग 1 प्रतिशत तक लुढ़क गए। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 800 अंक से अधिक यानी 1% टूटकर 75,535 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 ने 250 अंक यानी 1% गिरकर 23,619 का दिन का निचला स्तर छुआ। यह गिरावट बाजार के सभी हिस्सों में देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक भी लगभग 1 प्रतिशत नीचे बंद हुए।

इस भारी बिकवाली से निवेशकों को मिनटों में करीब 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के लगभग 477 लाख करोड़ रुपये से घटकर 473 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।

आज शेयर बाजार क्यों गिर रहा है?

1. कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के पार

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार छठे सत्र में बढ़ोतरी हुई है। ब्रेंट क्रूड का सितंबर कांट्रैक्ट शुक्रवार को $101 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। इस हफ्ते ब्रेंट क्रूड में 15% की तेजी आई है, जबकि पिछले हफ्ते इसमें 16% की बढ़ोतरी हुई थी। लगातार तीन महीने गिरावट के बाद, ब्रेंट क्रूड जुलाई में अब तक लगभग 40% चढ़ चुका है।

तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति और कंपनियों के मुनाफे पर नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे बाजार की धारणा कमजोर हुई है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "ईरान समर्थित हौथिस द्वारा लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हमला ब्रेंट क्रूड के $100 के करीब पहुंचने का मुख्य कारण है। इतनी ऊंची कीमत भारत की भुगतान संतुलन चिंताओं को फिर से जीवित करने वाली है।"

2. अमेरिका-ईरान संघर्ष

बाजार इस बात को लेकर चिंतित है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का अंत नजर नहीं आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ एक नया बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी सेना ने गुरुवार देर रात ईरान पर अपनी ताजा हमलों की श्रृंखला पूरी की, जो अमेरिकी हमलों का 13वां लगातार रात्रि अभियान था।

3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जारी है, जिससे भारत जैसे उभरते बाजारों से भारी विदेशी पूंजी बाहर निकलने का खतरा बढ़ गया है। बेंचमार्क अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड इस महीने अब तक 6.5% बढ़कर 4.711% पर पहुंच गई है।

जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक उभरते बाजारों के शेयरों से पैसे निकालकर अपने देश में सुरक्षित ऋण साधनों में निवेश करते हैं। विजयकुमार ने कहा, "अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड का 4.7% पर पहुंचना वैश्विक बाजारों के लिए नकारात्मक है। यह निकट अवधि का जोखिम है।"

4. ट्रंप का टैरिफ वार

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का अपने ट्रेडिंग पार्टनर्स के खिलाफ टैरिफ हमला फिर शुरू हो गया है। पिछले दो हफ्तों में, अमेरिकी प्रशासन ने ब्राजील पर 25%, कनाडा पर 50% और जेनेरिक दवाओं पर 200% तक टैरिफ लगाने की घोषणा की है। गुरुवार को 60 व्यापारिक साझेदारों पर 10% से 12.5% तक के नए टैरिफ लगाए गए।

अमेरिका ने धारा 301 के तहत कई देशों पर 10% और 12.5% की नई टैरिफ दरों की घोषणा की, जिसमें भारत को 10% की निचली श्रेणी में रखा गया।

नई अमेरिकी टैरिफ दरों ने इस धारणा को मजबूत किया है कि टैरिफ ट्रंप की नीतियों के केंद्र में बने रहेंगे। इससे आशंका बढ़ गई है कि ये वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बोझ डाल सकते हैं, साथ ही अमेरिकी मुद्रास्फीति को बढ़ावा दे सकते हैं, जिससे ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी।

लेखक के बारे में

Drigraj Madheshia

दृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। ​इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें