महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: ‘एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स’ का होगा गठन, अधिकारियों को 30% विशेष भत्ता| Navbharat Live

Published on 2 अग॰ 2026

Updated On: Aug 02, 2026 | 03:12 PM IST

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सार

Mumbai Crime News : महाराष्ट्र सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस पॉलिसी' के तहत एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन को मंजूरी दी। अधिकारियों को 30% विशेष भत्ता मिलेगा।

Maharashtra cabinet approved the formation of Anti-Narcotics Task Force (ANTF) with 346 posts and announced a 30% incentive allowance for officers.

ड्रग्स (सोर्सः सोशल मीडिया)

विस्तार

Maharashtra Anti Narcotics Task Force: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नशीले पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल की बैठक में ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ के तहत 346 नए पदों वाली विशेष एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के गठन को मंजूरी दे दी गई। सरकार का उद्देश्य राज्यभर में सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क को ध्वस्त करना और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को और मजबूत बनाना है।

346 नए पदों पर होगी नियुक्ति

नई एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स में कुल 346 पद सृजित किए जाएंगे। यह विशेष बल ड्रग्स माफिया के खिलाफ अंडरकवर ऑपरेशन, छापेमारी, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की जांच तथा संगठित अपराध पर कार्रवाई करेगा। सरकार का मानना है कि इस विशेष इकाई से मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

अधिकारियों को मिलेगा 30% प्रोत्साहन भत्ता

सरकार ने एएनटीएफ में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके मूल वेतन पर 30 प्रतिशत विशेष प्रोत्साहन भत्ता देने का निर्णय लिया है। यह भत्ता 1 अगस्त 2026 से लागू होगा। सरकार के अनुसार, इस फैसले पर राज्य के खजाने से प्रतिवर्ष लगभग 5 करोड़ 90 लाख 50 हजार 500 रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

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जोखिम भरे ऑपरेशन के लिए विशेष सुविधा

सरकार ने माना है कि ड्रग्स माफिया के खिलाफ अभियान बेहद जोखिम भरा होता है। अंडरकवर ऑपरेशन, छापेमारी और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों की जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों को गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

इसी कारण अनुभवी और दक्ष अधिकारियों को इस विशेष बल में शामिल होने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देने का फैसला लिया गया है। यदि कोई अधिकारी एएनटीएफ से अपनी मूल इकाई में वापस जाता है, तो यह विशेष भत्ता स्वतः बंद हो जाएगा।

युवाओं को नशे से बचाने पर रहेगा फोकस

सरकार का कहना है कि एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन से राज्य पुलिस की क्षमता और मनोबल दोनों मजबूत होंगे। साथ ही, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने और राज्य में सुरक्षित सामाजिक वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।

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