बिहार में सहयोग शिविरों का असर: तीन महीने में 96% मामलों का हुआ निपटारा, पंचायत स्तर पर मिल रहा समाधान

Published on 16 अग॰ 2026

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा शुरू किए गए बिहार के पंचायत सहयोग शिविरों ने 6,533 शिविरों में 6,46,181 आवेदनों को संसाधित किया है, जिसमें 30 दिनों के भीतर 96% का समाधान किया गया है। यह कार्यक्रम स्थानीय समस्याओं का तेजी से समाधान करने, सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम करने और निवासियों का समय और पैसा बचाने का लक्ष्य रखता है।

By Oneindia Staff

Time Published: Sunday, August 16, 2026, 19:31 [IST]

बिहार में लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पंचायत स्तर पर चलाए जा रहे सहयोग शिविर का असर दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की इस पहल के तहत पिछले तीन महीनों में प्राप्त हुए करीब 96 फीसदी मामलों का निष्पादन किया जा चुका है।

Bihar Cooperation Camps Resolve 96 Percent

राज्य सरकार के अनुसार, मई 2026 के मध्य से शुरू हुए सहयोग शिविरों के तहत अब तक 6,533 पंचायतों में शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में कुल 6,46,181 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6,20,030 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। यह कुल प्राप्त आवेदनों का करीब 96 फीसदी है, जबकि लगभग 4 फीसदी मामले अभी लंबित हैं।

राज्य की कुल 8,032 पंचायतों में से शेष पंचायतों में भी आने वाले एक-दो सहयोग शिविरों के दौरान शिविर आयोजित किए जाने की योजना है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में भी सहयोग शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।

राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों में लोगों की विभिन्न समस्याओं से जुड़े आवेदन लिए जा रहे हैं। इन आवेदनों के निपटारे के लिए अधिकतम 30 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की नियमित मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर से की जा रही है।

इन जिलों का प्रदर्शन रहा बेहतर

सहयोग शिविर के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के मामले में शीर्ष 10 जिलों में शेखपुरा, सहरसा, शिवहर, खगड़िया, भोजपुर, जमुई, गोपालगंज, अरवल, पश्चिम चंपारण और बांका शामिल हैं।

19 मई को शुरू हुआ था सहयोग शिविर

बिहार में लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 19 मई 2026 को सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग गांव से सहयोग शिविर की शुरुआत की थी। सरकार की व्यवस्था के अनुसार, पंचायतों में प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित किए जाते हैं। वहीं प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को राज्यस्तरीय शिविर आयोजित किया जाता है, जिसमें मुख्यमंत्री खुद लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान की समीक्षा करते हैं।

सभी पंचायतों में जारी रहेगा अभियान

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य की सभी पंचायतों में सहयोग शिविर लगातार आयोजित किए जाएंगे। अब तक 6,533 पंचायतों में शिविर लग चुके हैं और शेष पंचायतों में भी आने वाले दिनों में शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

पंचायत स्तर पर मिल रहा समस्याओं का समाधान

सहयोग शिविरों के जरिए लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला या प्रखंड कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो रही है। पंचायत स्तर पर ही अधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न जनसमस्याओं से जुड़े मामलों का निपटारा किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से लोगों के समय और धन की बचत के साथ-साथ उन्हें अनावश्यक परेशानी से भी राहत मिल रही है।

शिविर बंद नहीं होंगे, लगातार जारी रहेंगे

राज्य सरकार के अनुसार, सभी पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित हो जाने के बाद भी इस पहल को बंद नहीं किया जाएगा। लोगों की समस्याओं का समयबद्ध और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए सहयोग शिविर लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे।