Agniveer Employment Cell: देश का पहला अग्निवीर रोजगार सेल उत्तराखंड में शुरू, पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा रोजगार - Haribhoomi

Published on 23 जुल॰ 2026

उत्तराखंड सरकार ने भारतीय सेना से 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों के सुरक्षित भविष्य और पुनर्वास के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य में देश का पहला 'अग्निवीर रोजगार सेल' स्थापित किया गया है, जो पूर्व सैनिकों को उनकी दूसरी पारी के लिए करियर विकल्प और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगा।

Agniveer Employment Cell, Uttarakhand

यह सेल यह सुनिश्चित करेगा कि सेना से लौटने के बाद किसी भी अग्निवीर को अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए भटकना न पड़े।

  • Published: 23 Jul 2026, 10:36 AM IST
  • Last Updated: 23 Jul 2026, 10:36 AM IST

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के तहत शुरू किया गया यह रोजगार सेल राज्य के उन युवाओं को सीधी मदद पहुंचाएगा जो 'अग्निपथ योजना' के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में 4 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सिविलियन जीवन में लौटेंगे।

यह समर्पित सेल पूर्व अग्निवीरों के कौशल, सैन्य अनुशासन और अनुभव का आकलन कर उन्हें राज्य के पुलिस बल, होमगार्ड्स, वन विभाग, कॉरपोरेट सेक्टर, सिक्योरिटी एजेंसियों और प्राइवेट मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में उपयुक्त रोजगार के अवसरों से जोड़ने का काम करेगा।

​पूर्व अग्निवीरों को सेवाओं में 10% आरक्षण और स्किल मैपिंग की सुविधा 
​धामी सरकार ने अग्निवीरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य की विभिन्न वर्दीधारी सरकारी सेवाओं जैसे पुलिस, वन रक्षक, आपदा प्रबंधन में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत का सीधी क्षैतिज आरक्षण देने का प्रावधान किया है। इसके अलावा अग्निवीर रोजगार सेल के तहत एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार किया गया है, जहां पूर्व अग्निवीर अपनी शैक्षणिक योग्यता, सैन्य प्रशिक्षण और तकनीकी दक्षताओं को दर्ज कर सकेंगे।

इस डेटा के आधार पर विभिन्न निजी कंपनियों और उद्योग संगठनों के साथ तालमेल बिठाकर उनके लिए सीधी भर्ती का रास्ता साफ किया जाएगा।

​करियर गाइडेंस और उद्यमिता के लिए मिलेगी वित्तीय सहायता 
​रोजगार सेल केवल नौकरियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह उन पूर्व अग्निवीरों को भी मार्गदर्शन देगा जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। राज्य सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत अग्निवीरों को प्राथमिकता के आधार पर रियायती दरों पर लोन, तकनीकी प्रशिक्षण और सब्सिडी मुहैया कराई जाएगी।

इसके साथ ही, यदि कोई अग्निवीर उच्च शिक्षा हासिल करना चाहता है, तो उसे राज्य के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में दाखिले और छात्रवृत्ति में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

​अन्य राज्यों के लिए नजीर बना उत्तराखंड 
​सैन्य बहुल राज्य होने के कारण उत्तराखंड से हर साल बड़ी संख्या में युवा भारतीय सेना में शामिल होते हैं। देश का पहला अग्निवीर रोजगार सेल गठित कर उत्तराखंड सरकार ने पूरे देश के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के 'वीर सपूतों' के योगदान का सम्मान करना हमारी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और यह सेल यह सुनिश्चित करेगा कि सेना से लौटने के बाद किसी भी अग्निवीर को अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए भटकना न पड़े।