AIIMS में पक्की नौकरी का झांसा देकर 6.33 लाख ठगे: पैसे मांगने पर मिली धमकी, चेक भी हुआ बाउंस; कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज - Jodhpur News

Published on 23 जुल॰ 2026

जोधपुर2 घंटे पहले

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पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। - Dainik Bhaskar

पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

जोधपुर एम्स में प्राइवेट नौकरी करने वाले एक युवक से परमानेंट नौकरी लगवाने के नाम पर 6.33 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी नहीं लगने और पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने 6.30 लाख रुपए का चेक दिया, लेकिन बैंक में चेक जमा करने पर सिग्नेचर मैच नहीं होने से वह बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और पीड़ित को धमकियां देने लगे। इस पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले में कोर्ट के आदेश पर करवड़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

माणकलाव निवासी 38 वर्षीय रामपाल चौधरी पुत्र किशना राम जाट ने पुलिस को बताया कि वह AIIMS जोधपुर में प्राइवेट नौकरी करता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात घोड़ा प्याऊ, मगजी की घाटी निवासी सुरेश पुत्र ओमपुरी से हुई। सुरेश ने उसे भरोसा दिलाया कि AIIMS में फॉर्म निकलते ही वह उसकी परमानेंट नौकरी लगवा देगा, लेकिन इसके लिए रुपए देने होंगे।

परमानेंट नौकरी के नाम पर लिए पैसे

पीड़ित के अनुसार, आरोपी सुरेश ने फॉर्म भरने के नाम पर पहले 3 हजार रुपए लिए। इसके बाद 27 फरवरी 2025 को रामपाल के घर जाकर पहली किश्त के रूप में 3 लाख रुपए नकद लिए।

इसके बाद 24 मार्च 2025 को सुरेश दोबारा रामपाल के घर पहुंचा और बाकी 3.30 लाख रुपए की मांग की। जब रामपाल ने काम होने के बाद पैसे देने को कहा तो आरोपी ने कहा कि ऊपर के अधिकारियों को पैसे देने हैं, वरना सारा काम रुक जाएगा। ऐसे में पीड़ित ने 3.30 लाख रुपए और दे दिए।

न नौकरी मिली, न पैसे लौटे

पीड़ित का आरोप है कि कुल 6.33 लाख रुपए लेने के बाद भी जब उसे जॉइनिंग लेटर नहीं मिला तो उसने अपने रुपए वापस मांगे। इस पर सुरेश ने उसका परिचय माणकलाव निवासी सुनील विश्नोई से कराया और कहा कि अब आगे का सारा काम यही संभालेगा।

काफी समय बीतने के बाद भी जब कॉल लेटर नहीं आया और रामपाल ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे इंडसइंड बैंक का 6.30 लाख रुपए का चेक दे दिया। रामपाल ने 17 जून 2025 को चेक अपने SBI बैंक खाते में जमा कराया, लेकिन सिग्नेचर मैच नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया।

चेक बाउंस होने के बाद फोन भी बंद

चेक बाउंस होने के बाद रामपाल ने दोनों आरोपियों से पैसे वापस मांगे, लेकिन उन्होंने रुपए लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि पैसे मांगने पर उसे मारपीट की धमकी भी दी गई।

पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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