Assam Flood: तिरपाल के नीचे घर, हाथ में स्वर्ण पदक... जनमोनी की कहानी कर देगी भावुक, बाढ़ ने छीना घर

Published on 11 अग॰ 2026

Assam Flood: असम में बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी मुश्किल कर दी है. इसी तबाही के बीच जोरहाट की कराटे खिलाड़ी जनमोनी कोंवर (17) ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो मुश्किल हालात में भी हौसला देने वाली है. बाढ़ में घर डूबने के बाद उनका परिवार 19 जुलाई से तटबंध पर तिरपाल के नीचे रह रहा है. इसी बीच जनमोनी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर घर लौटीं. उनके पास रहने के लिए भले ही पक्का घर नहीं था, लेकिन हाथ में देश-स्तरीय प्रतियोगिता का गोल्ड मेडल जरूर था.

बाढ़ में डूब गया जनमोनी का घर

जोरहाट जिले के भोगदोइपोरिया गांव के 2 नंबर मोजिया भेटी इलाके में जनमोनी का घर बाढ़ की चपेट में आ गया. परिवार को अपना घर छोड़कर तटबंध पर शरण लेनी पड़ी. 19 जुलाई से परिवार तिरपाल के नीचे रह रहा है. घर में मौजूद सामान और रोजमर्रा की जिंदगी बाढ़ की वजह से पूरी तरह प्रभावित हुई है. ऐसे हालात में जनमोनी के लिए दिल्ली जाकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेना आसान नहीं था, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना अभ्यास और लक्ष्य नहीं छोड़ा.

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दिल्ली में जीता स्वर्ण पदक

जनमोनी ने 7 से 9 अगस्त तक नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में हिस्सा लिया. उन्होंने आशिहारा कराटे प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया. असम से कुल चार खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. इनमें से एक खिलाड़ी ने कांस्य पदक जीता, जबकि जनमोनी ने स्वर्ण पदक हासिल किया. यह उपलब्धि उनके परिवार और पूरे गांव के लिए गर्व का पल है.

तिरपाल के घर में लौटीं, हाथ में था गोल्ड

9 अगस्त की शाम जब जनमोनी अपने परिवार के पास लौटीं तो उनके स्वागत के लिए कोई बड़ा घर या सुविधाएं मौजूद नहीं थीं. परिवार अब भी उसी तिरपाल के नीचे रह रहा है, जो कई दिनों से उनका आशियाना बना हुआ है. न कोई अपना कमरा था, न बिस्तर और न ही सामान रखने के लिए अलमारी, लेकिन जनमोनी अपने साथ एक ऐसी उपलब्धि लेकर लौटीं, जिसने इस मुश्किल समय में परिवार के चेहरे पर खुशी ला दी. उनके हाथ में चमकता हुआ स्वर्ण पदक था.

बाढ़ के बीच भी नहीं टूटा हौसला

जनमोनी की कहानी बताती है कि मुश्किल हालात किसी के सपनों को रोक नहीं सकते. जिस समय उनका परिवार बाढ़ से जूझ रहा था, उसी समय जनमोनी खेल के मैदान में अपने लक्ष्य के लिए संघर्ष कर रही थीं. घर और सुविधाएं छिन जाने के बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं.

असम में बाढ़ से 101 मौतें

जनमोनी की कहानी ऐसे समय सामने आई है, जब असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. 10 अगस्त की असम फ्लड रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में राज्य में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 101 हो गया है. वहीं 10 जिलों में 1,26,431 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं.

DRIMS की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ का असर 25 राजस्व सर्किल और 458 गांवों तक पहुंचा है. गोलाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां 71,061 लोग बाढ़ की चपेट में हैं. इसके बाद शिवसागर में 21,600, नगांव में 16,908 और जोरहाट में 13,166 लोग प्रभावित हैं. हालांकि कई इलाकों में बाढ़ का पानी घटने लगा है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों का प्रभावित होना प्रशासन के लिए अब भी चुनौती बना हुआ है. ऐसे में जनमोनी का स्वर्ण पदक बाढ़ की त्रासदी के बीच उम्मीद और हौसले की कहानी बनकर सामने आया है.

सुभम साह

सुभम साह

धुबरी के भोलानाथ महाविद्यालय से 2018 में ग्रेजुएशन करने के बाद सुभम साह ने गुवाहाटी में पत्रकारिता में बतौर करियर पारी की शुरुआत की. सुभम साह शुरुआत में पीटीआई (PTI) से जुड़े. इसके बाद उन्होंने नवभारत राष्ट्रीय पत्रिका के लिए भी काम किया. वर्तमान में वो TV9 Bharatvarsh के लिए असम से रिपोर्टर हैं. वो असम समेत पूरे पूर्वोत्तर भारत (नॉर्थ ईस्ट) की हर महत्वपूर्ण खबर को तेज़, सटीक और निष्पक्ष तरीके से दर्शकों तक पहुंचाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं.

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