Jul 27, 2026 09:55 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
भारतीय बल्लेबाजों को यूके टूर पर लंबी बाउंड्री के कारण जूझना पड़ा था। भारत के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई को बाउंड्री में बदलाव करने का सुझाव दिया है।

Sunil Gavaskar new suggestion to BCCI
महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने जिम्बाब्वे सीरीज समाप्त होने के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को एक नया सुझाव दिया है। वह चाहते हैं कि भारत में क्रिकेट ग्राउंड की बाउंड्री को बड़ा किया जाए ताकि विदेशी दौरों पर नुकसान ना हो। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम का आयरलैंड और इंग्लैंड में सूपड़ा साफ हुआ था। भारत ने आयरलैंड में दो जबकि इंग्लैंड में लगातार चार टी20 मैच गंवाए। वहीं, शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम को इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-1 से मात दी। गावस्कर का मानना है कि बीसीसीआई को जल्द ही बाउंड्री बड़ी करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए क्योंकि साउथ अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारतीय बल्लेबाजों को इसकी आदत पड़ने से फायदा मिलेगा। भारत को अब घर पर 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज खेलनी है।
'अगर इस जगह का इस्तेमाल किया तो...'
गावस्कर ने स्पोर्टस्टार के लिए अपने कॉलम में लिखा, ''जब नया इंडियन सीजन शुरू होगा तो बाउंड्री का साइज बढ़ाना बहुत जरूरी है ताकि अगले साल वर्ल्ड कप से पहले हमारे बल्लेबाजों को इसकी आदत हो जाए। लगभग हर ग्राउंड पर एलईडी एडवरटाइजिंग बोर्ड के पीछे लोगों के चलने के लिए काफी जगह होती है। अगर इस जगह का इस्तेमाल किया तो बाउंड्री का साइज अपने आप बढ़ जाएगा। बड़ी बाउंड्री हमारे स्पिन बॉलर्स को थोड़ी धीमी गेंदबाजी करने का मौका भी देंगी ताकि वे स्लो बॉलिंग से मिलने वाला लूप और टर्न पा सकें। वे अभी जो मीडियम-पेस डार्टर डालते हैं, उससे बैटर को पेस का इस्तेमाल करने बॉल के नीचे आने और उसे स्टैंड्स में पहुंचाने में मदद मिलती है। आदिल राशिद और विल जैक्स ने भारतीय स्पिनर्स की तुलना में लगभग 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे धीमी गति से बॉलिंग की और इसलिए वे उनसे कहीं ज्यादा असरदार रहे।''
'जिन देशों में बड़ी बाउंड्री हैं, वहां ऐसे...'
पूर्व कप्तान ने आम धारणा के विपरीत कहा कि आईपीएल में सपाट विकेट यूके टूर पर फ्लॉप रहने के पीछे मुख्य कारण नहीं था। गावस्कर ने लिखा, ''भारत में सपाट पिचें हैं, यह फैक्ट है। लेकिन यह बहुत छोटी बाउंड्री ही हैं, जो बल्लेबाज को आराम से खेलने का मौका देती हैं। कई बार गेंद सही तरह से बल्ले पर कनेक्ट नहीं होती मगर फिर भी बाउंड्री के पार चली जाती है। लेकिन जिन देशों में बड़ी और लंबी बाउंड्री हैं, वहां ऐसे शॉट बाउंड्री लाइन के अंदर कैच हो जाते हैं।'' गावस्कर ने यह भी कहा कि वनडे फॉर्मेट में बल्लेबाजों के लिए अप्रोच अलग होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''स्मार्ट क्रिकेट खेलना जरूरी है। इसलिए, उस बॉलर को पहचानें जिस पर काउंटर अटैक करने की जरूरत नहीं है। फिर उन बॉलर्स को टारगेट करें जिनके खिलाफ आप बेहतर बॉलर के ओवर की भरपाई कर सकते हैं।''
लेखक के बारे में
Md.Akram
मोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार
परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।
अनुभव: अकरम को कंटेंट रिसर्च, स्क्रिप्ट राइटिंग, स्टोरीटेलिंग और एडिटिंग का अच्छा अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑडियंस बिहेवियर को समझकर कंटेंट तैयार करते हैं, जो प्रभावशाली हो। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रोफेशनल अनुभव ने अकरम को मीडिया की बुनियादी समझ के साथ-साथ प्रैक्टिकल अप्रोच भी दी है। सीखते रहना और खुद को लगातार अपडेट करना प्रोफेशनल आदतों में शामिल है।
विशेषज्ञता:
मैचों की लाइव कवरेज और एनालिसिस
स्टैट्स बेस्ड दिलचस्पी स्टोरीज
हेडलाइन फ्रेमिंग और कॉपी एडिटिंग में मजबूत पकड़
डेडलाइन मैनेजमेंट और हाई-प्रेशर सिचुएशन में सटीक निर्णय
