Bhopal EOW: भोपाल में MSME लोन फर्जीवाड़ा, बैंक अफसर-सप्लायरों पर केस, मशीनरी दिए बिना ₹10 लाख का लोन कराया मंजूर - Haribhoomi

Published on 18 सित॰ 2026

भोपाल में EOW ने MSME लोन फर्जीवाड़े के आरोप में बैंक अधिकारियों, वित्तीय सलाहकार और मशीनरी सप्लायरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों से लोन मंजूर कराए गए, लेकिन लाभार्थियों को मशीनरी नहीं दी गई और रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई।

Bhopal, EOW

भोपाल में MSME लोन फर्जीवाड़ा

  • Published: 18 Sep 2026, 02:05 PM IST
  • Last Updated: 18 Sep 2026, 02:05 PM IST

भोपाल: राजधानी में MSME लोन के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बैंक अधिकारियों, वित्तीय सलाहकार, मशीनरी सप्लायर और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व साजिश का केस दर्ज किया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोन मंजूर कराए गए और मशीनरी दिए बिना रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।

मामला एमपी नगर स्थित एक बैंक शाखा का है। एक कारोबारी ने EOW में शिकायत की थी कि उसके नाम पर ₹10 लाख का MSME लोन मंजूर किया गया, जबकि उसने न तो मशीनरी के लिए आवेदन किया था और न ही उसे लोन की रकम मिली। उसे मशीनरी भी नहीं दी गई।

3-4 घंटे में पूरी हुई लोन प्रक्रिया
जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता के दिवंगत मामा ने कथित तौर पर बैंक शाखा प्रबंधक और दो मशीनरी सप्लायर फर्मों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर लोन की प्रक्रिया कराई। 21 मार्च 2024 को आवेदन से लेकर लोन वितरण तक की पूरी प्रक्रिया करीब 3-4 घंटे में पूरी हो गई।

शिकायतकर्ता को बैंक बुलाकर पहले से तैयार दस्तावेजों पर सिर्फ हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। EOW के अनुसार, बैंक ने न तो मौके पर जाकर कारोबार और मशीनरी की जांच की और न ही मशीनरी सप्लायर की जानकारी का पर्याप्त सत्यापन किया।

कोई मशीनरी नहीं मिली
लोन की ₹8.85 लाख रकम मशीनरी खरीदने के नाम पर Vishal Enterprises के खाते में भेजी गई, लेकिन शिकायतकर्ता को कोई मशीनरी नहीं मिली। जांच में आरोप है कि रकम Global Marketers के खाते से शिकायतकर्ता की मां के खाते में पहुंचाई गई और फिर वहां से अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई। इस दौरान ₹3.91 लाख और ₹3 लाख की रकम भी अलग-अलग खातों में भेजी गई।

आरोप है कि इसी प्रक्रिया में ₹50 हजार वित्तीय सलाहकार राजीव राजपूत और ₹2.46 लाख शिकायतकर्ता के मामा को दिए गए।

एक नहीं, कई मामलों में सामने आया पैटर्न
EOW की जांच में पता चला कि मार्च 2024 में इसी शाखा से 10-15 दिनों के भीतर पांच MSME लोन कथित तौर पर इसी तरीके से कराए गए। इनमें अधिकांश लाभार्थियों को मशीनरी नहीं मिली। एक प्रिंटिंग प्रेस संचालक को ₹9.90 लाख का लोन और ₹4 लाख की CC लिमिट मिली। दबाव बनाने के बाद उसे मशीनरी मिली, लेकिन फर्जी GST बिल के नाम पर ₹1,88,988 काटे गए और बीमा शुल्क भी दो बार लिया गया।

एक महिला को ₹7 लाख का लोन मंजूर हुआ, लेकिन उसे मशीनरी नहीं मिली। वहीं होम लोन के लिए बैंक पहुंचे एक व्यक्ति से कथित तौर पर ₹2.40 लाख मार्जिन मनी मांगी गई और उसकी जानकारी के बिना MSME लोन मंजूर कर दिया गया।

जांच में सामने आए ये सभी लोन बाद में NPA हो गए। EOW ने बैंक मैनेजर राहुल भोसले, वित्तीय सलाहकार राजीव राजपूत, Vishal Enterprises की नाइमा अली और कमर अली तथा Global Marketers के उमर अली के खिलाफ IPC की धारा 420 और 120-B के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।