उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीएसएफ भर्ती परीक्षा के दौरान बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अभ्यर्थियों ने पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए परीक्षा केंद्र पर विरोध शुरू कर दिया. मामला चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र का है.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीएसएफ भर्ती परीक्षा के दौरान बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अभ्यर्थियों ने पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए परीक्षा केंद्र पर विरोध शुरू कर दिया. मामला चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र का है.
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीएसएफ भर्ती परीक्षा के दौरान बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अभ्यर्थियों ने पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए परीक्षा केंद्र पर विरोध शुरू कर दिया. मामला चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र का है. परीक्षा के दौरान तकनीकी परेशानियों को लेकर भी अभ्यर्थियों ने नाराजगी जताई. स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा और परीक्षा रद्द कर दी गई.
अब नौकरी से सीधे हटाना आसान नहीं होगा
नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी को लेकर भी सुरक्षा बढ़ाने की बात कही गई है. किसी कर्मचारी पर शिकायत या आरोप लगने मात्र से उसे सीधे नौकरी से नहीं हटाया जा सकेगा. पहले मामले की जांच होगी और आरोप साबित होने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कार्रवाई की एक निर्धारित प्रक्रिया होगी. इससे कर्मचारियों को अचानक नौकरी जाने की चिंता से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
हर महीने समय पर वेतन दिलाने पर जोर
सरकार ने कर्मचारियों को वेतन समय पर मिलने की व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी है. नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान और उनसे जुड़ी सुविधाओं की डिजिटल निगरानी की जाएगी. रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों के खाते में वेतन महीने की 5 तारीख से पहले पहुंचाने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है.
इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिल सकता है जिन्हें वेतन मिलने में देरी के कारण हर महीने आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
एक ही पोर्टल पर मिलेगी कई जानकारी
UPCOS की व्यवस्था में कर्मचारियों के लिए डिजिटल सिस्टम विकसित किया गया है. कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक खाते की जानकारी, अटेंडेंस और वेतन से जुड़ी कटौती जैसी जानकारियां एक ही जगह देख सकेंगे.
शिकायत दर्ज कराने के लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी. कर्मचारी अपनी शिकायत की स्थिति को पोर्टल पर ही ट्रैक कर पाएंगे. इससे विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों के बीच कर्मचारियों को बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है.
EPF और ESIC की होगी डिजिटल निगरानी
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि यानी EPF और कर्मचारी राज्य बीमा यानी ESIC जैसी सुविधाओं की भी रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था बताई गई है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं में किसी तरह की अनदेखी न हो.
सरकार ने यह भी कहा है कि कर्मचारी को उसकी मेहनत और कार्य के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.
हर कर्मचारी को 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा
नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए दुर्घटना बीमा भी महत्वपूर्ण सुविधा है. सरकार के मुताबिक सभी कर्मचारियों के लिए 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाएगा. यह सुविधा किसी दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारी और उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभा सकती है.
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