हाईकोर्ट ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जवाब मांगा है।
पंजाब स्वास्थ्य विभाग में 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए 19 जुलाई, 2026 को हुई भर्ती परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक और संगठित नकल के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिका पर क
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि परीक्षा में एक संगठित गिरोह ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से नकल करवाने की व्यवस्था की थी। याचिकाकर्ता ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने के साथ परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने CBI से मांगा जवाब
याचिका में कहा गया है कि 19 जुलाई को पुलिस के प्रेस नोट में जिन लोगों को मामले में आरोपी बताया गया था, 20 जुलाई को दर्ज FIR में उनके नाम अलग हैं। याचिकाकर्ता ने इस अंतर को राज्य पुलिस की जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने वाला बताया। हाईकोर्ट ने इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए मामले में CBI से जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस ने अधिकारियों की भूमिका की पर्याप्त जांच किए बिना उन्हें क्लीन चिट दे दी। जांच में यह निष्कर्ष निकाला गया कि प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था। याचिका में दावा किया गया कि परीक्षा प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका की पूरी तरह जांच नहीं की गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि मामला सिर्फ किसी एक परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं है

पंजाब स्वास्थ्य विभाग में फार्मेसी ऑफिसर पदों नकल मामलें में आज सुनाई हुई।
अधिकारियों को क्लीन चिट देने पर भी सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस ने अधिकारियों की भूमिका की पर्याप्त जांच किए बिना उन्हें क्लीन चिट दे दी। जांच में यह निष्कर्ष निकाला गया कि प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था। याचिका में दावा किया गया कि परीक्षा प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका की पूरी तरह जांच नहीं की गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि मामला सिर्फ किसी एक परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं है।
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि मामले में अलग-अलग राज्यों से जुड़े लोगों की भूमिका हो सकती है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल की बात भी कही गई है। याचिकाकर्ता के अनुसार, प्रश्नपत्र से संबंधित सामग्री इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से बाहर भेजे जाने और उसके आधार पर उम्मीदवारों तक जवाब पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने का आरोप है। इसी वजह से मामले की व्यापक और स्वतंत्र जांच की जरूरत बताई गई है।
परीक्षा के दौरान सामने आया नकल मामला
19 जुलाई को परीक्षा के दौरान कथित संगठित नकल गिरोह का मामला सामने आया था। पुलिस कार्रवाई में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से नकल करवाने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद मामले की जांच पंजाब पुलिस ने की। अब याचिका के जरिए इस जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए CBI से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से परीक्षा प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। साथ ही परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित करने और पूरी जांच होने तक भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाने की मांग भी की गई है।फिलहाल हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच की मांग पर CBI से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई के दौरान CBI का पक्ष सामने आने के बाद कोर्ट इस मांग पर आगे विचार करेगा।