CG Court of Gods: छत्तीसगढ़ की अनोखी अदालत, जहां देवी-देवताओं पर लगते हैं आरोप, होती है सुनवाई और मिलती है सजा

Published on 5 सित॰ 2026

CG Court of Gods: छत्तीसगढ़ (Chattisgarh News)के धमतरी (Dhamtari News) जिले में देवताओं की अदालत (Court of Gods) की एक अनोखी परंपरा आज भी देखने को मिलती है। यहां इंसानों की शिकायतों के साथ देवी-देवताओं से जुड़े मामलों की भी सुनवाई होती है। मान्यता है कि अगर कोई देवी-देवता अपना दायित्व ठीक से नहीं निभाते या लोगों की परेशानी दूर नहीं होती, तो उनके खिलाफ भंगाराम माई के दरबार (Bhangaram Mai Court) में शिकायत की जाती है।

न्याय की देवी हैं भंगाराम माई

धमतरी (Dhamtari News) जिले के अंतिम छोर पर स्थित खुर्शीघाट में भंगाराम माई (Bhangaram Mai) को न्याय की देवी के तौर पर माना जाता है। स्थानीय मान्यता के मुताबिक, बस्तर, ओडिशा और सिहावा विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में देवी-देवताओं से जुड़ी शिकायतें यहां लाई जाती हैं।

अगर किसी देवी-देवता से लोगों की परेशानी दूर नहीं होने या अपना दायित्व ठीक से नहीं निभाने की शिकायत होती है, तो संबंधित देवी-देवता के प्रतीक स्वरूप को भंगाराम माई के दरबार में लाया जाता है।

यह भी देखें: Teachers Day पर Khan Sir का 'हीरो' अंदाज, काले चश्मे में Video Viral !

देवी-देवताओं के खिलाफ होती है सुनवाई

देवताओं की अदालत (Court of Gods) में देवी-देवताओं के प्रतीक स्वरूपों को बाकायदा दरबार में पेश किया जाता है। इसके बाद स्थानीय परंपराओं के अनुसार मामले की सुनवाई होती है।

मान्यता के अनुसार, अगर किसी देवी-देवता को गलती का जिम्मेदार माना जाता है, तो उन्हें भी दंड दिया जाता है। यानी इस लोक न्याय परंपरा (Folk Justice Tradition) में देवी-देवताओं को भी न्याय की प्रक्रिया से ऊपर नहीं माना जाता।

यह भी देखें:DISHA बैठक के बाद Congress पर बरसीं Kangana Ranaut, लगाया क्रेडिट लेने का आरोप

आदिवासी संस्कृति से जुड़ी अनोखी परंपरा

भंगाराम माई के दरबार की यह परंपरा स्थानीय आदिवासी संस्कृति (Tribal Culture) और आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है। ग्रामीणों का विश्वास है कि इस दरबार में सही और गलत का फैसला होता है।

इसी विश्वास के चलते दूर-दूर से लोग अपनी फरियाद लेकर भंगाराम माई का दरबार (Bhangaram Mai Court) पहुंचते हैं। यहां देवी-देवताओं से जुड़ी शिकायतों को भी गंभीरता से लेने की मान्यता है।

यह भी पढ़ें: आज का मुद्दा: झीरम फैसले पर सियासत..खत्म 13 साल की आफत। Jhiram Ghati 2013 Naxal Attack Verdict

इंसान हो या देवता, न्याय सबके लिए एक

आधुनिक दौर में किसी विवाद के समाधान के लिए लोग कानूनी अदालतों का सहारा लेते हैं, लेकिन धमतरी (Dhamtari News) की यह परंपरा आदिवासी समाज की पारंपरिक न्याय व्यवस्था (Traditional Justice System) की अलग तस्वीर पेश करती है।

देवताओं की अदालत (Court of Gods) से जुड़ी मान्यता यही है कि न्याय के सामने कोई बड़ा या छोटा नहीं है। यहां इंसान हो या देवी-देवता, अगर गलती हुई है तो न्याय के दरबार में जवाब देना होगा।

यह भी देखें: Ketan Aggarwal Murder Case: केतन हत्याकांड में तीसरे साथी की एंट्री, सिया-चेतन के राज खुलने लगे!